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मां से मिलने AIIMS-ऋषिकेश पहुंचे योगी आदित्यनाथ, जाना हाल-चाल; लिया आशीर्वाद

CM Yogi Meet his Mother : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती अपनी मां गायत्री देवी का कुशलक्षेम जानने पहुंचे। एम्स-ऋषिकेश के सूत्रों ने बताया कि गायत्री देवी को अस्पताल में आंख के उपचार के लिए भर्ती किया गया था।

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सीएम योगी ने मां से की मुलाकात।

Yogi Adityanath visit Rishikesh: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को उत्तराखंड के ऋषिकेश पहुंचे। जहां उन्होंने एम्स ऋषिकेश में भर्ती अपनी मां से मुलाकात की और उनका हाल चाल जाना। उन्होंने एम्स डायरेक्टर से मिलकर अपनी मां सावित्री देवी के स्वास्थ्य की विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद सीएम योगी ने रुद्रप्रयाग हादसे के घायलों से भी मिलने पहुंचे और उनका हाल चाल जाना। साथ ही उन्होंने चिकित्सकों को समुचित उपचार का निर्देश भी दिया।

दो साल बाद अपनी मां से भी मिले सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी के साथ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद रहे। योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद सीधे ऋषिकेश पहुंचे थे। वह दो साल बाद अपनी मां से मिल रहे थे। सीएम ने मां का हालचाल लेने के बाद एम्स के डायरेक्टर से भी मुलाकात की और मां के स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से जानकारी ली। सीएम योगी को देखकर उनकी मां सावित्री देवी बेहद खुश नजर आईं। योगी यहां करीब 20 मिनट तक रुके।

उत्तराखंड के सीएम ने भी की थी मुलाकात

सीएम योगी की मां को जीरियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया है। एम्स प्रशासन के अनुसार सावित्री देवी वृद्धावस्था की दिक्कतों के चलते भर्ती हुई हैं। इससे पूर्व भी वह आंखों के संक्रमण के कारण यहां भर्ती रही थीं। शनिवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी योगी आदित्यनाथ की मां से मिलकर उनका हाल चाल जाना था। मालूम हो कि सीएम योगी मूल रूप से उत्तराखंड के ही रहने वाले हैं। योगी के परिजन पौड़ी गढ़वाल के पचूर गांव में रहते हैं। इससे पहले सीएम योगी 2022 में अपने पैतृक गांव गए थे। तब उन्होंने मां के पांव छूकर आशीर्वाद भी लिया था।

योगी ने रुद्रप्रयाग हादसे में घायलों से भी की मुलाकात

मां से मिलने के बाद सीएम योगी ने उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में हुए सड़क हादसे में घायल उत्तर प्रदेश के लोगों का हाल चाल जाना और डॉक्टरों को समुचित इलाज के निर्देश दिए। घायलों और डॉक्टरों के साथ बातचीत में सीएम योगी ने प्रदेश सरकार की ओर से हर तरह के सहयोग का भरोसा दिलाया। सीएम योगी ने सभी घायलों को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उनके साथ है और उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। शनिवार को हुए इस हादसे में कुल 14 लोगों की जान चली गई थी, जिसमें यूपी के लोग भी शामिल थे। हादसे के बाद ही सीएम योगी ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की थी।

सीएम योगी के निर्देश पर शनिवार को ही उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की एक टीम रुद्रप्रयाग पहुंच गई थी। हादसे के तुरंत बाद ही योगी ने मुख्यमंत्री कार्यालय और राहत आयुक्त कार्यालय को तत्काल स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर घायलों के समुचित उपचार और आवश्यक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे। साथ ही वह घटना का पल-पल अपडेट भी ले रहे थे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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