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Yoga Diwas 2024: हिमालय की बर्फीली चोटियों से लेकर गंगा के मैदानों तक छाया योग का खुमार, सशस्त्र सैनिकों के साथ राजनेता भी मना रहे योग दिवस

Yoga Diwas 2024: दुनिया आज 10वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही है। इस मौके पर लोगों में योग की खुमारी छाई हुई है। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर से लेकर हिमालय की बर्फीली चोटियों पर योग किया जा रहा है। दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में भी लोग योग के जरिए स्वस्थ्य रहने का संदेश दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री से लेकर तमाम राजनेता भी योग दिवस के कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं...

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दुनियाभर में मनाया जा रहा योग दिवस

Photo : Twitter

Yoga Diwas 2024: 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की खुमारी दुनियाभर में छाई हुई है। योग के जरिए आज दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग स्वस्थ्य रहने का संदेश दे रहे हैं। जहां न्यूयॉर्क में टाइम्स स्क्वायर पर जहां हजारों लोग एक साथ जुटकर योग आसन कर रहे हैं तो वहीं संयुक्त राष्ट्र में भी योग दिवस मनाया जा रहा है। भारत में भी केंद्रीय मंत्री व सभी राज्यों के मुख्यमंत्री योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होकर योग का संदेश दुनियाभर में फैला रहे हैं तो हिमालय की बर्फीली चोटियों पर डटे सेना के जवान भी कठिन योगाभ्यास करके चुस्त-दुरुस्त रहने का तरीका समझा रहे हैं।

बता दें, भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का फैसला किया था। इस मौके पर देशभर के कोने-कोने में योग दिवस का उत्साह चरम पर है। राजनेताओं की बात करें तो सीएम योगी से लेकर धर्मेंद्र प्रधान तक और किरण रिजिजू से लेकर एडी कुमारस्वामी भी योग करके स्वस्थ्य रहने का संदेश दे रहे हैं। आइए जानते हैं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर किसने कहां किया योग...

टाइम्स स्क्वायर पर योग दिवस का आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 पर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर भी योग दिवस मनाया जा रहा है। भारत के महावाणिज्यदूत बिनय प्रधान ने बताया कि हम टाइम्स स्क्वायर पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। हमारे पास कई देशों से योग प्रतिभागी हैं और यह पूरे दिन चलने वाला है। आज हम लगभग 8,000 से 10,000 प्रतिभागियों की उम्मीद कर रहे हैं जो आज हमारे साथ योग करेंगे। मुझे वास्तव में खुशी है कि इस वर्ष योग दिवस की थीम 'स्वयं और समाज के लिए योग' है। मुझे यकीन है कि यह आज यहां और संयुक्त राज्य अमेरिका के अन्य विभिन्न हिस्सों में भाग लेने वाले सभी लोगों को प्रेरित करेगा।

केंद्रीय मंत्रियों-राजनेताओं ने किया योग

योग दिवस के मौके पर आज केंद्रीय मंत्री व राजनेता भी अलग-अलग कार्यक्रमों शिरकत कर योगाभ्यास करेंगे। दिल्ली में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह व शिवराज सिंह चौहान योग कार्यक्रम में शामिल होंगे। तो वहीं केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, धर्मेंद्र प्रधान, किरण रिजिजू, एचडी कुमार स्वामी, भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा, जेपी नड्डा, अश्विनी वैष्णव ने भी योगाभ्यास किया।

सेना के जवानों ने भी किया योगाभ्यास

सशस्त्र बलों ने भी योग दिवस के मौके पर योगाभ्यास कर देश-दुनिया को स्वस्थ्य रहने का संदेश दिया। सेना के जवानों ने आईएनएस-विक्रमादित्य पर भी योग करके दिखाया तो वहीं पूर्वी लद्दाख और बर्फीली चोटियों में डटे सेना के जवानों ने भी योग के जरिए दुनिया को संदेश दिया। जम्मू-कश्मीर में बीएसएफ के अधिकारियों ने भी योग किया। आर्मी व नेवी चीफ ने भी दिल्ली में योग किया।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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