देश

World Largest Office: अब भारत में दुनिया की सबसे बड़ी ऑफिस बिल्डिंग, पेंटागन से छीना तमगा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 18, 2023, 06:36 PM IST

World Largest Office: सूरत में बनकर तैयार हुई इमारत में हीरा व्यापार केंद्र होगा। 15 मंजिला इमारत 35 एकड़ भूमि में फैली हुई है। इसमें नौ आयताकार स्ट्रक्चर भी हैं, जो सेंट्रल स्पाइन के माध्यम से आपस में जुड़े हुए हैं। इसके अलावा 7.1 मिलियन वर्ग फुट से अधिक में इसका फ्लोरिंग एरिया है।

Image

सूरत में दुनिया की सबसे बड़ी ऑफिस ब्लिडिंग (स्क्रीन ग्रैब)

World Largest Office: दुनिया की सबसे बड़ी ऑफिस बिल्डिंग अब भारत में होगी। गुजरात के सूरत में यह इमारत बनकर तैयार हो चुकी है। इसी साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस इमारत का आधिकारिक उद्घाटन भी करेंगे। बता दें, बीते 80 साल से दुनिया की सबसे बड़ी इमारत का तमगा अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के दफ्तर पेंटागन के पास था, लेकिन सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब यह उपाधि सूरत की एक इमारत ने ले ली है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सूरत में बनकर तैयार हुई इमारत में हीरा व्यापार केंद्र होगा। सूरत डायमंड बोर्स डायमंड कटर, पॉलिशर्स और व्यापारियों सहित 65 हजार से अधिक हीरा पेशेवरों के लिए वन स्टॉप डेस्टिनेशन होगा। बता दें, सूरत को दुनिया के जेम कैपिटल के रूप में भी जाना जता है। यहां दुनिया के 90 फीसदी हीरे तराशे जाते हैं।

35 एकड़ में बनी है इमारत

जानकारी के मुताबिक, सूरत में बनी 15 मंजिला इमारत 35 एकड़ भूमि में फैली हुई है। इसमें नौ आयताकार स्ट्रक्चर भी हैं, जो सेंट्रल स्पाइन के माध्यम से आपस में जुड़े हुए हैं। सूरत डायमंड बोर्ड की वेबसाइट के मुताबिक, इस इमरात में एक मनोरंजन क्षेत्र और एक पार्किंग क्षेत्र भी है, जो 20 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है। इसके अलावा 7.1 मिलियन वर्ग फुट से अधिक में इसका फ्लोरिंग एरिया है। इस इमारत को बनने में लगभग चार साल का वक्त लगा है।

क्या है एसडीबी डायमंड बोर्स

एसडीबी डायमंड बोर्स एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत पंजीकृत कंपनी है और सूरत, गुजरात में डायमंड बोर्स की स्थापना और प्रचार के लिए बनाई गई है। सीएनएन से बात करते हुए, परियोजना के सीईओ महेश गढ़वी ने कहा कि नया भवन परिसर हजारों लोगों को व्यवसाय करने के लिए ट्रेन से दैनिक - यात्रा करने से बचाएगा। उन्होंने बताया, इस इमारत को एक अंतरराष्ट्रीय डिजाइन प्रतियोगिता के बाद भारतीय आर्किटेक्चर फर्म मॉर्फोजेनेसिस द्वारा डिजाइन किया गया है। उन्होंने बताया, पेंटागन को पछाड़ना प्रतिस्पर्धा का हिस्सा नहीं था। बल्कि, परियोजना का आकार मांग से तय होता था। उन्होंने बताया, इमारत बनने से पहले ही कई व्यापारियों ने यहां ऑफिस खरीद लिए हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों के बाद दिल्ली पुलिस सख्त: इंटेलिजेंस सिस्टम होगा मजबूत, फंडिंग से लेकर ठहरने तक की होगी जांच

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों के बाद दिल्ली पुलिस सख्त: इंटेलिजेंस सिस्टम होगा मजबूत, फंडिंग से लेकर ठहरने तक की होगी जांच

क्या नितिन गडकरी ने दिया रिटायरमेंट का संकेत? नागपुर में बोले- 'अब ज्यादा काम नहीं कर सकता, नई पीढ़ी को मिले मौका'

क्या नितिन गडकरी ने दिया रिटायरमेंट का संकेत? नागपुर में बोले- 'अब ज्यादा काम नहीं कर सकता, नई पीढ़ी को मिले मौका'

कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला, धतूरा बेचने पर इन 3 बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के फूड लाइसेंस निलंबित

कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला, धतूरा बेचने पर इन 3 बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के फूड लाइसेंस निलंबित

'SIR के लिए 'जिगर', वोटरों का सहयोग भी चाहिए, US जैसे देश भी चाह रहे इसे कराना', CEC ज्ञानेश कुमार का बड़ा बयान

'SIR के लिए 'जिगर', वोटरों का सहयोग भी चाहिए, US जैसे देश भी चाह रहे इसे कराना', CEC ज्ञानेश कुमार का बड़ा बयान

आज की ताजा खबर, 25 अगस्त 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: ईरान ने अमेरिका के नए प्रतिबंधों को मानने से इनकार किया, बेरोजगारी और महंगाई के बीच BJP जमीनी स्तर पर उतारेगी अपने नेता...दिल्ली में भारी बारिश से सड़कों पर पानी भरा, 16 उड़ानें रद्द

आज की ताजा खबर, 25 अगस्त 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: ईरान ने अमेरिका के नए प्रतिबंधों को मानने से इनकार किया, बेरोजगारी और महंगाई के बीच BJP जमीनी स्तर पर उतारेगी अपने नेता...दिल्ली में भारी बारिश से सड़कों पर पानी भरा, 16 उड़ानें रद्द