Women Reservation Bill: महिला आरक्षण विधेयक पर कल और आज दो दिन तक जमकर बहस हुई। सत्ता पक्ष की तरफ से संविधान संशोधन बिल के पक्ष में दलीलें दीं तो विपक्ष ने बिल की खामियां गिनाईं और सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए। आज यानी शुक्रवार 17 अप्रैल की शाम संविधान संशोधन बिल पर लोकसभा में वोटिंग हुई। इस वोटिंग में विपक्ष को जीत मिली और बिल गिर गया। इस तरह से एक बार फिर देश की संसद महिलाओं को आरक्षण की सौगात नहीं दे पायी।
इस तरह से 131वें संविधान संशोधन के समर्थन में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। कुल 528 सांसदों ने वोट दिया। इस संविधा संशोधन बिल के पक्ष और विपक्ष में कुल 528 वोट पड़े। इस रेशियो के हिसाब से सरकार को इस बिल को पास कराने के लिए दो-तिहाई वोट यानी 352 मत चाहिए थे, लेकिन संशोधन के पक्ष में सिर्फ 2 वोट ही पड़े। इस तरह से सरकार इस बिल को पास नहीं करवा पाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुरुवार को महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में अपनी बात रखी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी कल राज्यसभा और आज लोकसभा में सरकार का पक्ष रखा। गृहमंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में कहा कि जो लोग परिसीमन का विरोध कर रहे हैं वह ST/ST की सीटें बढ़ने का विरोध कर रहे हैं। क्योंकि परिसीमन से SC/ST की सीटें भी बढ़ेंगी।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज यानी शुक्रवार को इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने इसे सरकार की एक चाल बताया और कहा कि सरकार की मंशा महिला आरक्षण बिल के चुनावी नक्शे को बदलना है।
