Idol of Lord Ram : भगवान राम के बाल स्वरूप राम लला का अपने नए घर में प्रवेश हो गया है। वह मंदिर के गर्भ गृह में दाखिल हो गए हैं। 22 जनवरी को राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इससे पहले सात दिनों का विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया जा रहा है। खास बात यह है कि राम लला की मूर्ति को क्रेन के जरिए मंदिर के ऊपरी भाग से गर्भ गृह में प्रवेश कराया गया है। राम लला की मूर्ति को क्रेन के जरिए गर्भ गृह में पहुंचाने का वीडियो विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने जारी किया है। शर्मा का कहना है कि मूर्ति को गर्भ गृह में लाए जाने से पहले विशेष पूजा एवं अनुष्ठान हुआ।
प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को दोपहर 12.20 बजे शुरू होगी
अयोध्या में इन अनुष्ठानों का संचालन 121 आचार्य कर रहे हैं और गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ अनुष्ठान की सभी कार्यवाही की देखरेख, समन्वय एवं निर्देशन कर रहे हैं। प्रधान आचार्य काशी के लक्ष्मीकांत दीक्षित होंगे। आने वाले दिनों में तीर्थ पूजन, जल यात्रा और गंधाधिवास जैसे अनुष्ठान होंगे। इसमें सोमवार को प्रायश्चित एवं कर्मकुटी पूजन हुआ। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को दोपहर 12.20 बजे शुरू होगी और दोपहर एक बजे तक उसके संपन्न होने की उम्मीद है।
मंगलवार को शुरू हुआ प्राण प्रतिष्ठा समारोह
अयोध्या के राम मंदिर में रामलला का प्राण प्रतिष्ठा समारोह मंगलवार को शुरू हो गया। मंदिर न्यास के एक सदस्य और उनकी पत्नी की अगुवाई में इस दौरान कई अनुष्ठान हुए। मंगलवार से शुरू हुए अनुष्ठान नए मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के साथ संपन्न होंगे। राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा, ‘अनुष्ठान शुरू हो गया है और 22 जनवरी तक जारी रहेगा। 11 पुजारी सभी ‘देवी-देवताओं’ का आह्वान करते हुए अनुष्ठान कर रहे हैं।’
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के आखिर में PM देंगे भाषण
इससे पहले, इस बात पर बहस हुई थी कि क्या (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी वह भूमिका निभाने के हकदार हैं जो आमतौर पर एक ‘गृहस्थ’ को मिलती है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के आखिर में मोदी भाषण देंगे जिसमें 8,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, उनमें से कुछ लोगों को ही मंदिर के गर्भगृह के अंदर जाने की अनुमति होगी। ट्रस्ट ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सात अधिवास हैं।
