Winter session of Parliament: गुजरात और हिमाचल(Himachal Pradesh) में चुनावी हलचल के बीच बुधवार (सात दिसंबर, 2022) से संसद के शीतकालीन सत्र का आगाज हो गया। सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया वालों से कहा- इस सत्र में देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत को आगे बढ़ाने के नए अवसरों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय करने का प्रयास होगा।
उन्होंने आगे कहा- मुझे उम्मीद है कि सभी राजनितिक दल चर्चा को और आगे बढाएंगे, वे अपने विचारों से निर्णयों को नई ताकत देंगे, दिशा को स्पष्ट रूप से उजागर करने में मदद करेंगे। मैं सभी पार्टी के लीडर और फ्लोर लीडर से आग्रह करना चाहता हूं कि जो पहली बार सदन में आए, जो नए सांसद हैं उनके उज्जवल भविष्य की और लोकतंत्र की भावी पीढ़ी को तैयार करने के लिए हम ज़्यादा से ज़्यादा अवसर उन सभी को चर्चा का अवसर दें।
दरअसल, सरकार की कोशिश इस सत्र में एक दर्जन से ज्यादा विधेयक पारित कराने की है। वहीं विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, पुरानी पेंशन योजना, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुप्रयोग और चीन-सीमा विवाद (India China Dispute) जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में है। शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से 29 दिसंबर तक चलेगा और 23 दिन के सत्र में 17 कार्य दिवस होंगे। इस दौरान सरकार 19 बिल पेश करने की तैयारी में है।
हंगामेदार होगा सत्र!
सदन में विपक्ष का सहयोग मिले और सत्र शांतिपूर्ण तरीके से चले इसके लिए कल सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, हालांकि सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं। अपनी रणनीति पर चर्चा के लिए राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज विपक्षी पार्टियों के नेताओं की बैठक बुलाई है। महंगाई-बेरोजगारी के साथ केंद्रीय एजेंसियों के दुरुप्रयोग के मुद्दे पर विपक्ष पहले से ही हमलावर है हालांकि सरकार ने भी विपक्ष के हमलों से निपटने की पूरी तैयारी की है।
सर्वदलीय बैठक
संसद सत्र से पहले सरकार ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई जिसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, बीजद, आप सहित 31 दलों के सदन के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी भी मौजूद थे। बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने स्पष्ट कर दिया कि ‘देश में आज मुद्दे ही मुद्दे हैं और विपक्ष सदन में चर्चा और सिर्फ चर्चा करना चाहता है। ऐसे में चर्चा के लिये पर्याप्त समय देकर सरकार को सदन में कामकाज का माहौल तैयार करना चाहिए।’
