कांग्रेस के कम्युनिकेशन इंचार्ज महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस जाति जनगणना (Caste census) के पक्ष में है, इसे कराना जरूरी है। EWS आरक्षण पर बातचीत चल रही थी, चूंकि SC के 3 जजों ने संशोधन पर सहमति व्यक्त की और 2 ने इस पर सवाल उठाए हैं, कांग्रेस इस पर पुनर्विचार करने की मांग करेगी और संसद में बहस करना चाहेगी।
जयराम रमेश ने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस 3 मुख्य मुद्दे उठाएगी। भारत-चीन सीमा तनाव, महंगाई और देश में संवैधानिक और स्वतंत्र संस्थानों के कामकाज में हस्तक्षेप। कांग्रेस नेता ने कहा कि आज की बैठक में बेरोजगारी, किसानों के लिए एमएसपी गारंटी, मूल्य वृद्धि, महंगाई, साइबर अपराध, न्यायपालिका और केंद्र के बीच तनाव पैदा करना, रुपए का कमजोर होना, उत्तर भारत में कम निर्यात और वायु प्रदूषण सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर पार्टी के संसदीय रणनीति समूह की बैठक हुई। इसमें पार्टी ने यह फैसला भी लिया कि देश में संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के मुद्दे को भी उठाया जाएगा। संसद सत्र 7 दिसंबर से शुरू होगा और इसमें कांग्रेस ने सरकार को चीन के साथ सीमा के मुद्दे, अर्थव्यवस्था के हालात और EWS आरक्षण जैसे विषयों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है।
जयराम रमेश ने बैठक के बाद कहा कि संसद के 17 दिनी सत्र के लिए उनकी पार्टी की ओर से ये बड़े मुद्दे सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच पिछले 22 महीने से तनाव है और संसद में इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई है। कांग्रेस चाहेगी कि इस विषय पर संसद में चर्चा हो। कांग्रेस संसद सत्र में महंगाई और रुपए के गिरते मूल्य के विषय के साथ वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिक होने के मुद्दे को भी उठाएगी। रमेश ने बताया कि कांग्रेस अगले दो-तीन दिन में विपक्ष के नेताओं से बातचीत करेगी तथा इन विषयों पर संसद में चर्चा के लिए संयुक्त रणनीति की वकालत करेगी।
बैठक में रमेश के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, सीनियर पार्टी नेता पी चिदंबरम, के सी वेणुगोपाल, मनीष तिवारी, के सुरेश और मणिकम टैगोर आदि शामिल हुए।
