संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज यानी शुक्रवार 19 दिसंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके संसद के शीतकालीन सत्र की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र देश के लिए एक अत्यंत प्रोडक्टिव सत्र रहा है। रिफॉर्म्स एक्सप्रेस तेजी से आगे बढ़ी है और उसे गति देने में इस शीतकालीन सत्र की बड़ी भूमिका रही है। इस पार्लियामेंट सेशन में पारित किए गए विधेयकों का महत्व शायद अभी सभी लोग पूरी तरह से समझ नहीं पा रहे हों, लेकिन ये विधेयक करोड़ों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सबसे पहले, दो अत्यंत महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं। पहली चर्चा 'वंदे मातरम' पर हुई। वंदे मातरम हमारे देश का गौरव, हमारा उत्साह और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। वंदे मातरण के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी को स्मरण करते हुए वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे पूरे सम्मान के साथ मनाया गया। इसके जरिए देशभक्ति की भावना को और अधिक सशक्त करने का काम किया गया।
किरेन रिजिजू ने आगे कहा, इसके बाद चुनाव सुधार (इलेक्शन रिफॉर्म्स) पर विस्तृत चर्चा हुई। बहुत से लोगों ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने की कोशिश की, लेकिन दोनों सदनों में हुई गहन बहस के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई। दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। खासतौर पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनाव आयोग को लेकर लगाए गए आरोपों का भी पर्दाफाश हुआ। सच्चाई देश के सामने आई और जनता ने स्वयं देखा कि तथ्य क्या हैं।
उन्होंने कहा, यह पहली बार हुआ है कि चुनावों में बदलाव से जुड़े विषयों पर, चुनाव आयोग और चुनाव सुधारों को लेकर संसद में इतनी व्यापक और अलग से चर्चा हुई। क्योंकि कानून बनाना संसद का अधिकार है, इसलिए इस तरह की चर्चा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाती है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, इसे देखकर समझा जा सकता है कि सरकार चर्चा के लिए कितनी तैयार रहती है। उन्होंने कहा, SIR पहली बार नहीं हुआ है, यह पहले भी कई बार हुआ है, लेकिन उन पर कभी इस तरह की व्यापक चर्चा नहीं की गई। इस बार चुनाव सुधारों के तहत एसआईआर सहित पूरी प्रक्रिया पर दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में लगातार दो दिनों तक विस्तृत चर्चा हुई।
किरेन रिजिजू बोले, बहस के बाद जब जवाब दिया गया, तो माननीय गृह मंत्री, मेघवाल जी और सदन के नेता जेपी नड्डा ने अपनी बात रखते हुए कई बिंदुओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि इस चर्चा के बाद अब किसी प्रकार का कोई भ्रम नहीं बचा है। इस दृष्टि से विपक्ष को भी सरकार का धन्यवाद करना चाहिए।
उन्होंने कहा, यह पहली बार हुआ है कि चुनाव सुधारों पर विशेष चर्चा इस सत्र में की गई। इसके साथ ही कुछ रूटीन विधेयक, जो संवैधानिक दायित्व के अंतर्गत आते हैं, पारित हुए। इनमें मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स विधेयक और केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन विधेयक शामिल रहे।
सुधारों के दृष्टिकोण से यह ऐसे सुधार हैं, जो गरीबों के जीवन में बदलाव लाने वाले, ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने वाले, हर भारतीय को लाभ पहुंचाने वाले और भारत को एक महाशक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।
