दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अगले दो दिनों में इस्तीफा दे देंगे। अरविंद केजरीवाल के इस्तीफा देने की घोषणा के बाद से सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि दिल्ली का अगली सीएम कौन होगा? कौन केजरीवाल की जगह लेगा। केजरीवाल की जगह लेने वालों में पहले सबसे बड़े दावेदार का नाम मनीष सिसोदिया था, लेकिन ये नाम पहले ही कैंसिल हो गया, अब दावेदारों की लिस्ट में अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल, मंत्री आतिशी, सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय जैसे नेता शामिल दिख रहे हैं।
सुनीता केजरीवाल का नाम क्यों
सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता केजरीवाल इस पद के लिए संभावित उम्मीदवार हो सकती हैं। आम आदमी पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा कि जब इस साल 21 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया था, तब सुनीता केजरीवाल ने दिल्ली, गुजरात और हरियाणा में हाल के लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पार्टी के पदाधिकारी ने तर्क दिया कि वह भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) की एक पूर्व अधिकारी हैं, जो सरकार के कामकाज को भी समझती हैं।
आतिशी रेस में मजबूत
इस रेस में आप नेता आतिशी मार्लेना का नाम भी मजबूती से लिया जा रहा है। आप आलाकमान का करीबी होना और महिला होना उनके पक्ष में जाता है। वह सीएम केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की भी भरोसेमंद सहयोगी हैं। ऐसे में संभावना है कि आतिशी दिल्ली सरकार की कमान संभाल सकती हैं। वह 2013 के विधानसभा चुनावों के लिए आप का घोषणापत्र तैयार करने वाली समिति की प्रमुख सदस्य थीं। वह आम आदमी पार्टी को विस्तार देने में अहम भूमिका निभाती रही हैं। दिल्ली सरकार के मुखिया केजरीवाल के बाद आतिशी इस वक्त सरकार में दूसरी सबसे पावरफुल मंत्री है। वर्तमान में दिल्ली कैबिनेट में उनके पास पांच विभाग हैं। इनमें महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पर्यटन, कला, संस्कृति और भाषा, लोक निर्माण विभाग और बिजली शामिल हैं। ऐसे में सीएम पद पर उनकी दावेदारी को खारिज नहीं किया जा सकता।
और कई दावेदार
गोपाल राय पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं और 2013 में पहली बार आप के सत्ता में आने के बाद से ही उनके सरकार में होने के कारण उनका सम्मान किया जाता रहा है। गोपाल राय को भी मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। सौरभ भारद्वाज दिल्ली मंत्रिमंडल के एक प्रमुख सदस्य हैं और उनके पास स्वास्थ्य और शहरी विकास सहित कई महत्वपूर्ण विभाग हैं। वह भी इस दौड़ में शामिल हैं। आम आदमी पार्टी के सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए आश्चर्यजनक उम्मीदवार अल्पसंख्यक समुदाय का भी हो सकता है क्योंकि पार्टी ने 2020 में दिल्ली दंगों के बाद से समुदाय के बीच समर्थन कम होता देखा है। ऐसी स्थिति में दिल्ली के मंत्री इमरान हुसैन वह चकित करने वाला चेहरा हो सकते हैं।
