West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 234 सीटों के लिए इस साल चुनाव होंगे। सभी राजनीतिक दल अपनी चुनाव तैयारी में जुट गए हैं और अपने चुनाव अभियान को धार दे रहे हैं। ऐसे में देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस भी पीछे नहीं है। वह भी चुनावी रणनीति पर चर्चा करने जा रही है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के शीर्ष नेता आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा के लिए 17 जनवरी को यहां बैठक करेंगे। सवाल है कि क्या इस बार कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ेगी या पिछले चुनाव की तरह इस बार भी वह राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन करेगी।
वाममोर्चा, इंडियन सेक्युलर फ्रंट के साथ था गठबंधन
2021 के चुनाव में कांग्रेस ने वाममोर्चा और इंडियन सेक्युलर फ्रंट के साथ गठबंधन किया था। कांग्रेस करीब 92 सीटों पर लड़ी थी। मगर वह एक भी सीट नहीं जीत सकी। सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी की चयन समिति की बैठक भी 18 जनवरी को कोलकाता में होगी। राज्य की राजनीतिक कार्रवाई समिति के सदस्यों, चुनाव समिति के सदस्यों और राज्य के वरिष्ठ पार्टी पर्यवेक्षकों की अन्य बैठकें भी 18 जनवरी को कोलकाता में आयोजित की जाएंगी।
चुनाव रणनीति पर चर्चा होगी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, 17 जनवरी को होने वाली बैठक में पार्टी की चुनाव रणनीति पर चर्चा और उसे अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। कांग्रेस को यह भी तय करना है कि चुनाव के लिए वह किनसे गठबंधन करेगी। सुदीप रॉय बर्मन, शकील अहमद खान और प्रकाश जोशी को कांग्रेस द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा, एआईसीसी के संगठन प्रभारी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, पश्चिम बंगाल के प्रभारी एआईसीसी महासचिव गुलाम अहमद मीर और पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी के प्रमुख शुभंकर सरकार सहित अन्य लोगों के 17 जनवरी की बैठक में भाग लेने की उम्मीद है।
बंगाल में गर्म हो गया है सियासी पारा
ये बैठकें पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विवाद के बीच हो रही हैं, जिसकी तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस जैसे दलों द्वारा कड़ी आलोचना की गई है। कोयला तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के कार्यालय और उसके प्रमुख के आवास पर की गई छापेमारी को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले कुछ महीनों में चुनाव होंगे क्योंकि इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में समाप्त हो रहा है।
