Rajasthan DGP: राजस्थान में इन दिनों पूर्व डीजीपी उमेश मिश्रा की चर्चा हर हो रही है। उमेश मिश्रा ने डीजीपी पद से इस्तीफा देते हुए वीआरएस ले लिया है। उमेश मिश्रा की नौकरी नवंबर 2024 तक थी, सरकार भी उन्हें नहीं हटा सकती थी, लेकिन फिर भी उमेश मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारी उत्कल रंजन साहू ने राजस्थान पुलिस के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का कार्यभार संभाला है।
अशोक गहलोत से नजदीकी
उमेश मिश्रा, पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के काफी करीब थे। गहलोत सरकार में ही डीजीपी बने थे। कहा जाता है कि जब सचिन पायलट ने बगावत की थी, तब उमेश मिश्रा राजस्थान इंटेलिजेंस विभाग में एडीजी थे, उन्होंने गहलोत को सरकार गिराने की कोशिशों के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी थी। मिश्रा ने गहलोत सरकार बचाने में भी कानूनी मदद दी थी।
सरकार जब बदली तो मुश्किल!
हाल ही में जब राजस्थान में विधानसभा चुनाव हुआ तो कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई, गहलोत सीएम नहीं रहे। भाजपा की सरकार बनी, भजनलाल शर्मा सीएम बने। जिसके बाद डीजीपी को बदलने की जब चर्चा हुई तो उमेश मिश्रा को सरकार हटा नहीं सकती थी। कहा जाता है कि ऐसे में उमेश मिश्रा को सीएम ने फोन किया।
ले लिया वीआरएस
सीएम भजनलाल शर्मा ने उमेश मिश्रा से जब बात की और किसी और आईपीएस को डीजीपी बनाने की बात कही तो उमेश मिश्रा ने तुरंत इस्तीफा देते हुए वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया। जिसे सरकार ने तुरंत मान लिया और उमेश मिश्रा की जगह उत्कल रंजन साहू कार्यवाहक डीजीपी बनें।
