देश

पैसों के खेल में माहिर भगोड़ा मेहुल चोकसी, वकीलों की फौज रखता है तैयार, भारत लाने में कितनी चुनौती?

मेहुल चोकसी के खिलाफ एक मामले में शिकायतकर्ताओं में से एक हरिप्रसाद ने कहा कि प्रत्यर्पण आसान काम नहीं होगा क्योंकि चोकसी के पास वकीलों की फौज है, जानिए चोकसी के पास और क्या-क्या विकल्प हैं।

Image

क्या शिकंजे में आएगा मेहुल चोकसी?

Photo : PTI

Mehul Choksi Extradition: भारतीय भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी को आखिरकार बेल्जियम में गिरफ्तार कर लिया गया। बेल्जियम के अधिकारियों ने सीबीआई की गुजारिश पर मेहुल चोकसी को गिरफ्त में ले लिया। इस भगोड़े हीरा व्यापारी के प्रत्यर्पण के लिए भारत ने कोशिशें भी शुरू कर दी हैं। लेकिन, उसे भारत वापस लाना एक मुश्किल काम साबित हो सकता है। 65 वर्षीय चोकसी भारत में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 2018 से ही वांछित है। पंजाब नेशनल बैंक से 13,850 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जांच एजेंसियों की उसकी 7 साल से तलाश है।

मेहुल चोकसी को लाने में कितना समय लगेगा?

मेहुल चोकसी के खिलाफ एक मामले में शिकायतकर्ताओं में से एक हरिप्रसाद ने कहा कि प्रत्यर्पण आसान काम नहीं होगा क्योंकि चोकसी के पास वकीलों की फौज है, जिसने उसे पहले भी कानून से बचने का मौका दिया था। एएनआई ने उनके हवाले से कहा, प्रत्यर्पण कोई आसान काम नहीं है। चोकसी की जेब भरी हुई है और वह विजय माल्या की तरह कानून के शिकंजे से बचने के लिए यूरोप के सबसे अच्छे वकीलों को नियुक्त करेगा।

उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि भारत के लिए उसे वापस लाना आसान होगा। जब वह एंटीगुआ (डोमिनिका) और अन्य द्वीपों में पकड़ा गया था, तो बचने में सफल रहा क्योंकि उसके पास वकीलों की पूरी फौज थी। लेकिन मैं चाहता हूं और उम्मीद करता हूं कि इस बार भारत सरकार सफल होगी। वहीं, पूर्व राजनयिक केपी फैबियन ने कहा कि भारत प्रत्यर्पण का अनुरोध कर सकता है, लेकिन फैसल बेल्जियम सरकार के हाथ में है। उन्होंने यह भी कहा कि चोकसी प्रत्यर्पण को चुनौती देने के अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए अदालत में अपील कर सकता है।

वकील ने कहा, चट्टान की तरह बचाव करेंगे

चोकसी की वापसी में कितनी मुश्किलें आएंगी इसकी बानगी उनके वकील विजय अग्रवाल के बयानों से मिल गई। चोकसी के वकील विजय अग्रवाल का कहना है कि उनके मुवक्किल का प्रत्यर्पण आसान नहीं होगा। अग्रवाल ने कहा, उनके लिए अपील दायर की जाएगी। अगर कोई व्यक्ति वहां के इलाज से खुश है, तो उसे वहीं इलाज करवाना चाहिए। पत्नी, वकील और डॉक्टर को अपनी पसंद का विकल्प होना चाहिए। लोग अपने बच्चों को शिक्षा के लिए विदेश भेजते हैं, तो आप पूछेंगे की वह भारत में शिक्षा क्यों नहीं लेते? यह व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद है।

अग्रवाल ने कहा, इसके अलावा भारत में उनके लिए सुरक्षा जोखिम हैं और उनका मानना है कि जैसे ही वे आएंगे, उन्हें मानवाधिकारों के अनुसार उचित व्यवहार नहीं मिलेगा। चोकसी के वकील ने कहा, अगर चोकसी यहां आते हैं, तो राजनीतिक और मीडिया के दबाव के कारण, उनका मानना है कि निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं हो सकती है। हम अपने मुवक्किल का चट्टान की तरह बचाव करेंगे।

भारतीय अधिकारियों के सामने चुनौती

हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी मेडिकल इलाज के लिए बेल्जियम गया था जिसके बाद से वह वहीं था। भारत छोड़ने के बाद से वह 2018 से एंटीगुआ में रह रहा था। एंटीगुआ में पकड़े जाने के बावजूद वह बचता रहा। अपनी दलीलों और महंगे वकीलों के दम पर चोकसी हर बार मुसीबत से बच निकला। इस बार चोकसी बेल्जियम में पकड़ा गया है और यहां के नियम-कानून एंटीगुआ से अलग हैं। लेकिन इस यूरोपीय देश में आरोपियों के लिए भी तमाम अधिकार हैं जिसके दम पर चोकसी बच निकल सकता है। चोकसी के पास सबसे बड़ी दलील ये होगी कि वह बीमार है और इलाज कराने के लिए बेल्जियम पहुंचा था। वह कई बीमारियों से जूझ रहा है, जिनका तुरंत इलाज जरूरी है। ऐसे में चोकसी को भारत लाने के लिए अधिकारियों को कड़ी मशक्कत करनी होगी और बेल्जियम को आश्वस्त करना होगा कि उसका भारत आना क्यों जरूरी है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article