देश

संजय सिंह पर क्या हैं आरोप? ED ने क्यों की गिरफ्तारी, कैसा है उनका राजनीतिक सफर; जानें सबकुछ

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Oct 4, 2023, 10:09 PM IST

Sanjay Singh News: आम आदमी पार्टी के गठन में संजय सिंह की बड़ी भूमिका मानी जाती है। उन्हें अरविंद केजरीवाल के करीबी नेताओं के रूप में भी गिना जाता है। यही कारण है कि 2018 में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया। आइए जानते हैं प्रवर्तन निदेशालय ने संजय सिंह को क्यों गिरफ्तार किया है? उन पर क्या आरोप लगाए गए हैं? और संजय सिंह का राजनीतिक सफर कैसा रहा है...

Image

संजय सिंह

Photo : Twitter

Sanjay Singh News: दिल्ली के कथित शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इस घोटाले में ईडी की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसमें आप नेता की गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले ईडी ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। बता दें, ईडी ने बुधवार सुबह संजय सिंह के घर छापा मारा था। इससे पहले इसी मामले में आप नेता के कई करीबियों के घर पर भी छापेमारी हुई थी।

संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली में सियासी हंगामा शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी के समर्थक जहां इस गिरफ्तारी का विरोध करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं तो वहीं अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह के घर पहुंचे और उनके परिवार वालों से मुलाकात की। केजरीवाल ने कहा, आप एक कट्टर ईमानदार पार्टी है। हम सभी जानते हैं कि ईमानदारी की राह कठिन है। अगर हम भी उनकी तरह बेईमान हो जाएंगे तो हमारे सभी समस्याओं का समाधान होगा...इस शराब कांड में 1000 से ज्यादा छापेमारी हो चुकी है और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है लेकिन एक पैसा भी बरामद नहीं हो सका। पीएम मोदी सिर से पांव तक भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। मैं समझता हूं कि आजादी के बाद पीएम मोदी हमारे देश के सबसे भ्रष्ट पीएम हैं। आइए जानते हैं प्रवर्तन निदेशालय ने संजय सिंह को क्यों गिरफ्तार किया है? उन पर क्या आरोप लगाए गए हैं? और संजय सिंह का राजनीतिक सफर कैसा रहा है...

पहले शराब नीति घोटाले के बारे में जानिए

दिल्ली सरकार ने 2021-22 में नई आबकारी नीति लागू की थी। इस शराब नीति में कुछ अनियमितताओं की शिकायतें की गई थीं। आरोप लगे कि आम आदमी पार्टी ने शराब माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए नीति में बदलाव किया था। इसके बाद दिल्ली के उपराज्यपाल ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी, जिसके बाद यह नीति सवालों के घेरे में आ गई। हालांकि, बाद में दिल्ली सरकार ने इस नीति को वापस ले लिया था।

संजय सिंह पर क्या आरोप हैं?

शराब घोटाले में संजय सिंह का नाम दिसंबर 2022 के आसपास जुड़ा। ईडी ने कारोबारी दिनेश आरोड़ा के बयान के तहत संजय सिंह का नाम अपनी चार्जशीट में शामिल किया था। दावा किया गया था कि दिनेश आरोड़ा शुरुआत में संजय सिंह से मिले थे, इन्हीं के जरिए एक रेस्टोरेंट में उनकी मुलाकात मनीष सिसोदिया से हुई। ईडी की चार्जशीट में यह भी दावा किया गया कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में पार्टी फंड इकट्ठा करने के लिए संजय सिंह के कहने पर ही आरोड़ा ने सिसोदिया को पैसे देने की व्यवस्था की थी और उन्हें 32 लाख रुपये का चेक सौंपा था। इसके बदले संजय सिंह ने आरोड़ा का एक्साइज डिपार्टमेंट के पास एक पेंडिंग मामला सुलझाया था। उन्होंने सिसोदिया से पांच-छह बार बात की और संजय सिंह के साथ केजरीवाल के आवास पर उनसे मुलाकात की।

कैसा है संजय सिंह का राजनीतिक सफर?

आम आदमी पार्टी के गठन में संजय सिंह की बड़ी भूमिका मानी जाती है। उन्हें अरविंद केजरीवाल के करीबी नेताओं के रूप में भी गिना जाता है। 22 मार्च 1972 को सुल्तानपुर में जन्में संजय सिंह ने एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में उन्होंने सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी वालों के हित में लड़ाई लड़ी और धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए। सियासी मैदान में धाक जमाने से पहले उन्होंने सोशलिस्ट पार्टी के रघु ठाकुर के साथ काम 2011 में वे दिल्ली में अन्ना आंदोलन से जुड़ गए और अरविंद केजरीवाल के साथ मिलकर आम आदमी पार्टी की नींव रखी। 2018 में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तव author

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रक... और देखें

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें