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ओवैसी को क्यों नहीं भाया मोहन भागवत का फॉर्मूला, जनसंख्या संतुलन की मांग पर क्यों भड़के भाईजान?

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  • Updated Oct 5, 2022, 07:25 PM IST

Rashtravad : मोहन भागवत ने कहा कि जनसंख्या संतुलन की नीति बननी चाहिए और सभी के लिए एक समान रूप से लागू होना चाहिए। इस पर असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी आपत्ति जताई। ओवैसी ने भागवत के बयान का जोरदार विरोध किया।

क्या आज देश में जनसंख्या संतुलन कानून (Population balance Law) की सच में जरुरत है? अगर हां तो फिर इस पर मजहबी विरोध क्यों, क्या संघ के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए कोई टूलकिट काम कर रहा है? दरअसल आज विजयदशमी के मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने नागपुर संघ मुख्यालय में शस्त्र पूजा की। इसके बाद मोहन भागवत ने करीब एक घंटे के अपने भाषण में कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। मोहन भागवत ने कहा कि जनसंख्या संतुलन की नीति बननी चाहिए और सभी के लिए एक समान रूप से लागू होना चाहिए।

जनसंख्या संतुलन कानून वाले बयान पर असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कड़ी आपत्ति जताई। ओवैसी ने भागवत के बयान का पुरजोर विरोध किया और एक के बाद दो ट्वीट किए, पहले ट्वीट में संघ प्रमुख मोहन भागवत के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया और लिखा। मोहन के लिए, यह अभद्र भाषा का सालाना दिवस है। जनसंख्या असंतुलन के डर से दुनिया भर में नरसंहार, जातीय सफाई और हेट क्राइम्स हुए हैं। सर्बियाई राष्ट्रवादियों द्वारा अल्बानियाई मुसलमानों के नरसंहार के बाद कोसोवो का गठन किया गया था।

इसके बाद अपने अगले ट्वीट ने ओवैसी ने लिखा कि अगर हिंदुओं और मुसलमानों का एक ही डीएनए है, तो असंतुलन कहां पर है? जनसंख्या नियंत्रण की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि हमने पहले ही प्रतिस्थापन दर हासिल कर ली है। चिंता बढ़ती उम्र और उन बेरोजगार युवाओं की है जो बुजुर्गों की देखभाल नहीं कर सकते। मुसलमानों की प्रजनन दर में सबसे तेजी से गिरावट आई है। ये बात साफ है जब देश में एक देश एक कानून की बात हो या फिर जनसंख्या नियंत्रण की बात हो ओवैसी जैसे राजनेता उसका पुरजोर विरोध करते आए हैं।

मोहन भागवत ने अपने भाषण में उदयपुर में कन्हैया मर्डर केस का जिक्र किया। गलाकाट गैंग पर मोहन भागवत ने कहा कि ये पहली बार है जब कुछ मुसलमानों ने इसका विरोध किया और इसे गैर इस्लामिक बताया- भागवत ने कहा कि भले ही किसी भी धर्म का अपराधी हो। समाज में ऐसी घटनाओं का हर किसी को पुरजोर विरोध करना चाहिए।

मोहन भागवत ने अपने भाषण में संघ के खिलाफ दुष्प्रचार करने वालों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि RSS दुनिया में शांति भाईचारे के पक्ष में रहा है लेकिन कुछ लोग संघ के खिलाफ दुष्प्रचार कर अल्पसंख्यकों को डराने का काम करते हैं।

ऐसे में आज के सवाल हैं

जनसंख्या संतुलन की मांग पर क्यों भड़के भाईजान ?

ओवैसी को क्यों नहीं भाया भागवत का फॉर्मूला ?

कौन फैला रहा संघ के खिलाफ दुष्प्रचार की 'टूलकिट' ?

गलाकाट गैंग पर भागवत का संदेश मानेंगे मुसलमान ?

भागवत के संदेश से बदलेगा समाज ?

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