जिस चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को बनाया था चक्रवर्ती सम्राट, वही राजा के खाने में मिलाते थे रोज जहर, फिर भी नहीं होती थी मृत्यु

Why did Chanakya mix poison in Chandragupta Maurya food: चंद्रगुप्त मौर्य अगर नंद वंश को हराकर, मगध के सम्राट बन पाए थे, तो उसमें सबसे अहम और बड़ा रोल चाणक्य का था। चाणक्य ने ही अपनी रणनीति और बुद्धि से चंद्रगुप्त मौर्य को न केवल मगध का राजा बनवाया बल्कि उन्हें चक्रवर्ती सम्राट भी बनवाया, अखंड भारत की सीमा और बढ़ती चली गई। लेकिन चाणक्य ही वो शख्स थे, जो अपने ही राजा को रोज खाने में जहर मिलाकर देते थे, हालांकि चंद्रगुप्त मौर्य का तो इससे कुछ नहीं बिगड़ा, लेकिन उनकी पत्नी दुर्धरा की मौत की वजह यह जरूर बना था।

Authored by: शिशुपाल कुमारUpdated Dec 2 2025, 17:33 IST
चाणक्य क्यों देते थे चंद्रगुप्त मौर्य को जहर- Why did Chanakya poison Chandragupta Maurya?Image Credit : Copilot/Socio Pulse AI01 / 07

चाणक्य क्यों देते थे चंद्रगुप्त मौर्य को जहर- Why did Chanakya poison Chandragupta Maurya?

चाणक्य चंद्रगुप्त मौर्य को ज़हर देते थे ताकि वे दुश्मनों द्वारा दिए गए ज़हर के प्रति प्रतिरोधी बन सकें। यह एक सावधानी थी जो चंद्रगुप्त की जान को भविष्य में किसी भी जहर के प्रयास से बचाने के लिए की गई थी। चाणक्य चंद्रगुप्त के भोजन में धीरे-धीरे, छोटी मात्रा में ज़हर मिलाते थे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य चंद्रगुप्त के शरीर को जहर की थोड़ी-थोड़ी मात्रा का आदी बनाना था। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि यदि भविष्य में कोई शत्रु चंद्रगुप्त को जहर देने का प्रयास करे, तो उनका शरीर उस जहर के प्रति प्रतिरोधी हो और उस पर जहर का कोई असर न हो।

चाणक्य के जहर से क्यों नहीं होती थी चंद्रगुप्त मौर्य की मृत्यु- Why did Chanakya poison not kill Chandragupta Maurya?Image Credit : Copilot/Socio Pulse AI02 / 07

चाणक्य के जहर से क्यों नहीं होती थी चंद्रगुप्त मौर्य की मृत्यु- Why did Chanakya poison not kill Chandragupta Maurya?

चाणक्य चंद्रगुप्त मौर्य को जहर से नहीं मारना चाहते थे; बल्कि वे उनके भोजन में बहुत ही थोड़ी मात्रा में जहर मिलाते थे ताकि चंद्रगुप्त के शरीर में जहर के प्रति प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) विकसित हो जाए। इस उपाय से भविष्य में कोई भी व्यक्ति चंद्रगुप्त को जहर देकर मारने की कोशिश करता, तो सफल न होता।

चाणक्य के जहर से कैसे मर गई चंद्रगुप्त मौर्य की पत्नी दुर्धरा- How did Chandragupta Maurya's wife Durdhara died from Chanakya's poison?Image Credit : Copilot/Socio Pulse AI03 / 07

चाणक्य के जहर से कैसे मर गई चंद्रगुप्त मौर्य की पत्नी दुर्धरा- How did Chandragupta Maurya's wife Durdhara died from Chanakya's poison?

चाणक्य के जहर से चंद्रगुप्त मौर्य की पत्नी दुर्धरा की मौत प्रसव के दौरान हुई थी। चाणक्य, चंद्रगुप्त को दुश्मनों से बचाने के लिए जो जहर उन्हें देते थे, वो जहर वाला खाना एक दिन, दुर्धरा ने उत्सुकतावश चंद्रगुप्त के भोजन को चख लिया, जिससे वह तुरंत जहर के प्रभाव में आ गईं। दुर्धरा उस समय गर्व से थी। इसके बाद वो उनकी तबीयत खराब हो गई और प्रसव के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

चाणक्य ने क्यों चीर दिया था दुर्धरा का पेट?- Why did Chanakya cut open Durdhara stomach?Image Credit : Copilot/Socio Pulse AI04 / 07

चाणक्य ने क्यों चीर दिया था दुर्धरा का पेट?- Why did Chanakya cut open Durdhara stomach?

दुर्धरा ने जब जहर वाला खाना और उस खाने से वो तो बेहोश हुई ही, साथ ही गर्भ को भी नुकसान पहुंचा। चाणक्य ने जब देखा कि वो दुर्धरा को नहीं बचा सकते हैं तो उन्होंने दुर्धरा का पेट चीर डाला और बच्चे को बचा लिया। वो बच्चा ही चंद्रगुप्त मौर्य का उत्तराधिकारी बना, जिसे दुनिया बिंदुसार के नाम से जानती है।

चाणक्य से क्यों नफरत करता था बिंदुसार-  Why did Bindusara hate Chanakya?Image Credit : Copilot/Socio Pulse AI05 / 07

चाणक्य से क्यों नफरत करता था बिंदुसार- Why did Bindusara hate Chanakya?

बिन्दुसार चाणक्य से इसलिए नफरत करने लगा क्योंकि चाणक्य के एक प्रतिद्वंद्वी मंत्री, सुबंधु ने उसे यह विश्वास दिला दिया कि चाणक्य ने उसकी मां की पेट काटकर हत्या कर दी थी। बिन्दुसार ने नर्सों से इस बात की पुष्टि की, जिससे वह क्रोधित हो गया और उसने चाणक्य से नफरत करने लगा।

चाणक्य ने क्यों छोड़ दिया था मौर्य वंश का साथ? Why did Chanakya leave the Maurya dynasty?Image Credit : Copilot/Socio Pulse AI06 / 07

चाणक्य ने क्यों छोड़ दिया था मौर्य वंश का साथ? Why did Chanakya leave the Maurya dynasty?

बिन्दुसार जब चाणक्य से नफरत करने लगा तो चाणक्य ने मौर्य वंश का साथ छोड़ दिया, वो खुद राज दरबार से निकल गए और जंगल की ओर चले गए। बाद में जब बिंदुसार को सच्चाई पता चली तो वो चाणक्य को वापस लेने गए लेकिन चाणक्य ने राजदरबार आने से मान कर दिया।

अशोक के समय क्या चाणक्य थे?- Was Chanakya present at the time of Ashoka?Image Credit : Copilot/Socio Pulse AI07 / 07

अशोक के समय क्या चाणक्य थे?- Was Chanakya present at the time of Ashoka?

नहीं, चाणक्य अशोक के समय में जीवित नहीं थे, क्योंकि उनकी मृत्यु अशोक के राजा बनने से पहले ही हो गई थी। हालांकि चाणक्य ने अशोक को शिक्षा दी थी, ये सत्य है। आचार्य चाणक्य की मृत्यु 283 ईसा पूर्व में हुई थी जब अशोक 20 वर्ष के थे। और अशोक का जन्म 304 ईसा पूर्व में हुआ था। ... इसलिए जंगल में भूख से मरने से पहले, उन्होंने राधागुप्त से कहा कि वह अशोक को सम्राट बनने में मदद करें।

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