CM Joseph on Black and White Suit:मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद पहली बार सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय) आज तिरुचिरापल्ली (त्रिची) के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने वह सेंट जोसेफ कॉलेज मैदान में आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि त्रिची सीट विजय के राजनीतिक सफर के लिए बेहद खास है क्योंकि उन्होंने चेन्नई की पेरम्बूर के साथ-साथ त्रिची ईस्ट सीट से भी चुनाव लड़ा था और दोनों पर भारी मतों से जीत दर्ज की थी।
त्रिची सीट से सीएम विजय ने दिया इस्तीफा
त्रिची ईस्ट में उन्होंने डीएमके प्रतिद्वंद्वी को 27,416 वोटों के अंतर से हराया था, हालांकि मुख्यमंत्री बनने के बाद संवैधानिक नियमों के तहत उन्होंने त्रिची सीट से इस्तीफा देकर चेन्नई की सीट अपने पास रखने का फैसला किया। सीट छोड़ने के बावजूद वे यहां के वोटरों और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद कहना नहीं भूले, जिसके लिए इस विशेष 'थैंक्सगिविंग' रैली का आयोजन किया गया।
कोट पहनने पर क्या बोले सीएम विजय?
रैली के दौरान उन्होंने अपने ड्रेस को लेकर प्रतिक्रिया दी। अपने पहनावे को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में हो रही चर्चाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री विजय ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज बहुत से लोग मेरे कोट पहनने पर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों हमें कोट और सूट पहनने की इजाजत नहीं होनी चाहिए? क्या केवल सत्ता में बैठे लोगों और समाज की दबंग ताकतों को ही कोट-सूट पहनने का अधिकार है? उन्होंने अपने पहनावे को सामाजिक बराबरी और अधिकारों की लड़ाई से जोड़ते हुए साफ किया कि किसी खास पोशाक पर किसी वर्ग विशेष का एकाधिकार नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा, "मेरे सूट का रंग हमेशा काला और सफेद होता है। इसका संदेश यह है कि मैं हर चीज को काले और सफेद रंग में देखता हूं। अच्छे और बुरे के बीच कोई मध्य मार्ग नहीं है।"
इस रैली की सुरक्षा और भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन और टीवीके पार्टी ने बेहद सख्त नियम लागू किए हैं। मैदान में केवल उन्हीं 5,000 लोगों को आने की अनुमति दी गई है, जिन्हें पहले से QR कोड वाले विशेष एंट्री पास जारी किए गए हैं और बिना पास के किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं है।
सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को यह पास जारी नहीं किए गए हैं और उनसे घर पर रहकर ही कार्यक्रम देखने की अपील की गई है। इसके साथ ही, पार्टी पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से मुख्यमंत्री के काफिले के पीछे गाड़ियां न दौड़ाने और मीडिया से उन्हें उनके नए संवैधानिक पद के सम्मान में केवल 'मुख्यमंत्री विजय' कहकर संबोधित करने का अनुरोध किया है।
