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आखिर पटाखों पर बैन का आदेश सिर्फ दीवाली तक ही क्यों? दिल्ली सरकार से 'सुप्रीम सवाल' , पुलिस को फटकार

Supreme Court : कोर्ट को बताया गया कि 14 अक्टूबर को दिल्ली में पटाखे की बिक्री पर पूरी तरह रोक लग गई। हालांकि, कोर्ट ने पूछा कि क्या दिल्ली पुलिस ने पटाखों की गैरकानूनी स्टोरेज पर कार्रवाई की? कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर असंतुष्टि जताई।

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दिल्ली में पटाखा बैन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई।

Supreme Court : दिल्ली में पटाखों पर बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से सवाल किए हैं। साथ ही पुलिस को फटकार भी लगाई है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि आखिर पटाखों पर बैन का आदेश सिर्फ दीवाली तक ही क्यों सीमित है? साथ ही दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने फायर क्रैकर बैन के नाम पर जो कार्रवाई की है वह महज एक दिखावा है। कोर्ट को बताया गया कि 14 अक्टूबर को दिल्ली में पटाखे की बिक्री पर पूरी तरह रोक लग गई। हालांकि, कोर्ट ने पूछा कि क्या दिल्ली पुलिस ने पटाखों की गैरकानूनी स्टोरेज पर कार्रवाई की? कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर असंतुष्टि जताई।

दिल्ली पुलिस से हलफनामा दायर करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को 25 नवंबर तक व्यक्तिगत तौर पर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को हलफनामा दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया है कि उन्होंने पटाखों के बैन को लेकर दिल्ली में क्या कदम उठाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को पटाखों पर बैन लगाने के STF का गठन करने के लिए भी कहा।

25 नवंबर तक फैसला से दिल्ली सरकार-एससी

शीर्ष अदालत ने पटाखों पर बैन को लागू कराने के लिए एसएचओ को जिम्मेदार बनाने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कोई भी धर्म ऐसी किसी गतिविधि को बढ़ावा नहीं देता जिससे प्रदूषण फैलता हो। दिल्ली सरकार ने कहा कि वह पूरे साल पटाखों पर प्रतिबंध के उपाय पर पर विचार कर रही है। इस पर कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह ⁠25 नवंबर तक इस पर फैसला ले।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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