बसपा प्रमुख मायावती अपने उत्तराधिकारी को लेकर फिर से संशय में दिख रही है। मायावती अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी बता चुकी हैं, हालांकि इस पद से उन्हें एक बार हटाया भी जा चुका है, अब एक बार फिर से मायावती ने ऐसे संकेत दिए हैं, जिससे आकाश आनंद की कुर्सी पर तलवार लटकती दिख रही है। मायावती ने हाल ही में आकाश आनंद के ससुर के को पार्टी से निकाल दिया है।
उत्तराधिकारी पर क्या बोलीं मायावती
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को कहा कि उनके जीते जी कोई व्यक्ति बसपा और इसके ‘मूवमेन्ट’ का उत्तराधिकारी तभी बन सकता है, जब वह मान्यवर कांशीराम के शिष्य की तरह पार्टी व आंदोलन को हर दुःख-तकलीफ उठाकर आगे बढ़ाने में पूरे जी-जान से लगातार लगा रहे।
आकाश आनंद के पास है फिलहाल उत्तराधिकारी की गद्दी
मायावती के इस बयान को इसलिए भी राजनीतिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अभी 12 फरवरी को उन्होंने अपने भतीजे और उत्तराधिकारी आकाश आनन्द के ससुर तथा पूर्व सांसद डॉ. अशोक सिद्धार्थ समेत कई वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। आनंद बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक हैं और मायावती के राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं। आनंद को पिछले साल मायावती ने पद से हटा दिया था, लेकिन बाद में उन्हें फिर से बहाल करके अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी नियुक्त कर दिया।
मायावती का ट्वीट
मायावती ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ खाते पर रविवार को सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि बसपा देश में बाबा साहेब डॉ.भीमराव आंबेडकर के मानवतावादी आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के कारवां को सत्ता तक पहुंचाने में लगी है। उन्होंने कहा कि कांशीराम जी द्वारा सब कुछ त्यागकर स्थापित की गई पार्टी और इसके ‘मूवमेन्ट’ के लिए स्वार्थ, रिश्ते-नाते आदि से परे बहुजन-हित सर्वोपरि है। बसपा प्रमुख ने कहा कि उनके जीते जी पार्टी व आंदोलन (मूवमेन्ट) का कोई भी वास्तविक उत्तराधिकारी वही व्यक्ति हो सकता है जो श्री कांशीराम जी की शिष्या की तरह हर दुःख-तकलीफ उठाकर अंतिम सांस तक पार्टी व ‘मूवमेन्ट’ को आगे बढ़ाने में पूरे जी-जान से लगातार लगा रहे। शृंखलाबद्ध पोस्ट में उन्होंने कहा कि बसपा के देशभर के छोटे-बड़े सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पार्टी अनुशासन का पालन करते हुए दायित्वों के प्रति पूरी निष्ठा व ईमानदारी से जवाबदेह होकर पूरे तन, मन, धन से लगातार काम करते रहना जरूरी है।
