What Are The benefits Of Joining Sainik Or Military School: अधिकतर माता पिता का सपना अपने बच्चे को सैनिक या मिलिट्री स्कूल में पढ़ाने का होता है। हालांकि यहां एडमिशन आसान नहीं होता है, इसके लिए छात्रों को एंट्रेंस टेस्ट के दौर से गुजरना होता है। यहां सीटें कम होती हैं और आवेदन की संख्या काफी ज्यादा होती है। यही कारण है कि सभी छात्रों को एडमिश नहीं मिल पाता है। देशभर में कुल 33 सैनिक स्कूल रक्षा मंत्रालय के अधीन सैनिक स्कूल सोसाइटी की ओर से संचालित किए जाते हैं। वहीं यहां कुल 5 राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल हैं। इसमें चैल राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (हिमाचल प्रदेश), अजमेर राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (राजस्थान), धौलपुर राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (राजस्थान), बेंगलुरु राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (कर्नाटक) और बेलगाम राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (कर्नाटक) है। ऐसे में अधिकतर छात्रों व अभिभावकों का सवाल रहता है कि क्या सैनिक या मिलिट्री स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को भारतीय सेना यानी इंडियन आर्मी में छूट मिलती है? यहां आप जान सकते हैं।
कैसे मिलता मिलिट्री स्कूल में एडमिशन
यहां कक्षा 6 और 9 में एडमिशन के लिए छात्रों को कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) और इटरव्यू के दौर से गुजरना होता है। कक्षा 6 में एडमिशन के लिए छात्र की आयु 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसमें लड़के और लड़कियां दोनों आवेदन कर सकते हैं। छात्र को पांचवी कक्षा पास होना चाहिए। वहीं कक्षा 9 में एडमिशन के लिए छात्र की आयु 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यह केवल लड़कों के लिए होता है। छात्र को आठवीं कक्षा पास होना चाहिए।
कब होती है मिलिट्री स्कूल में एडमिशन के लिए एग्जाम
बता दें मिलिट्री स्कूल में एडमिशन के लिए हर साल हर साल सितंबर-अक्टूबर के दौरान राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट पर फॉर्म भरे जाते हैं। इसके बाद हर साल दिसंबर या जनवरी में ओएमआर-आधारित (OMR-based) लिखित परीक्षा होती है।
क्या सैनिक या मिलिट्री स्कूल के बच्चों को भारतीय सेना में छूट मिलती है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सैनिक या मिलिट्री स्कूल के बच्चों को भारतीय सेना यानी इंडियन आर्मी में भर्ती के दौरान लिखित परीक्षा, एज लिमिट या फिर चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कोई छूट नहीं मिलती है। छात्रों को आम नागरिकों की तरह सामान्य प्रक्रिया पहले लिखित परीक्षा शारीरिक पात्रता परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा व मेडिकल टेस्ट व डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के दौर से गुजरना होता है।
सैनिक और मिलिट्री में स्कूल में होता है ये फायदा
बता दें सैनिक व मिलिट्री स्कूलों में माहौल, अनुशासन और एनडीए की विशेष तैयारियों के चलते यहां छात्रों का सेलेक्शन अधिक होता है। साथ ही यह भारतीय सेना के अधिकारियों के पद के लिए अच्चे ढंग से कार्य करते हैं।
