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विजय कुमार मल्होत्रा: लाहौर में पैदा हुए, दिल्ली में जनसंघ और BJP को किया मजबूत, 94 साल की उम्र में निधन, जानें- उनके बारे में सबकुछ

मलहोत्रा ​​के राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 1999 का लोकसभा चुनाव था, जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भारी अंतर से हराया था। विजय कुमार मल्होत्रा ​​का जन्म 3 दिसंबर 1931 को लाहौर, ब्रिटिश भारत (अब पाकिस्तान) में हुआ था। वे जनसंघ और BJP दोनों में दिल्ली के अध्यक्ष रहे।

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विजय कुमार मल्होत्रा के साथ पीएम मोदी ने शेयर की फोटो

About VIjay Kumar Malhotra: भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद विजय कुमार मल्होत्रा का मंगलवार सुबह नई दिल्ली AIIMS में निधन हो गया। वह 94 वर्ष के थे। पांच बार सांसद और दो बार दिल्ली से विधायक रहे मल्होत्रा, राजधानी में भाजपा और उसके पूर्व संगठन जनसंघ के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक थे। वह भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष भी थे।

राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि

मलहोत्रा के राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 1999 का लोकसभा चुनाव था, जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भारी अंतर से हराया था। 2004 के आम चुनावों में, वे दिल्ली में लोकसभा की सीट जीतने वाले एकमात्र भाजपा उम्मीदवार थे, जबकि बाकी छह सीटें कांग्रेस ने जीत लीं। मलहोत्रा चार दशकों से भी ज्यादा समय तक दिल्ली की राजनीति में एक प्रमुख व्यक्ति रहे और शहर में पार्टी का जनाधार मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही।

लाहौर में हुए पैदा

विजय कुमार मल्होत्रा का जन्म 3 दिसंबर 1931 को लाहौर (पंजाब प्रांत), ब्रिटिश भारत (अब पाकिस्तान) में हुआ था। वह कविराज खजान चंद के सात बच्चों में चौथे थे। मल्होत्रा को एक भारतीय राजनीतिज्ञ और खेल प्रशासक के रूप में याद किया जाता है।

जनसंघ और BJP दोनों में रहे दिल्ली के अध्यक्ष

मल्होत्रा को दिल्ली प्रदेश जनसंघ का अध्यक्ष (1972-75) और भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश का दो बार अध्यक्ष (1977-80, 1980-84) चुना गया। मल्होत्रा एक शिक्षाविद भी थे और उन्होंने हिंदी साहित्य में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त थी। राजनीति और सामाजिक कार्य के अलावा, मल्होत्रा दिल्ली में शतरंज और तीरंदाजी क्लब के प्रशासन से भी जुड़े थे।

मलहोत्रा पांच बार सांसद और दो बार विधायक रहे। 1980 और 1990 के दशक में वे राजधानी में बीजेपी का सबसे जाना-पहचाना चेहरा थे। वे दिल्ली के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसलर भी रहे, जो आज के मुख्यमंत्री के पद के बराबर होता है।

बीते दिन दिल्ली BJP को मिला नया दफ्तर

यह संयोग है कि उनकी मृत्यु ऐसे समय में हुई जब प्रधानमंत्री मोदी ने बीते दिन दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर दिल्ली बीजेपी के पहले स्थायी राज्य कार्यालय का उद्घाटन किया था। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, जिसे मलहोत्रा लंबे समय से चाहते थे।

बने थे मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार

केदार नाथ साहनी और मदन लाल खुराना जैसे नेताओं के साथ, मल्होत्रा ने भी दशकों तक दिल्ली में बीजेपी को मजबूत और सक्रिय बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। उनका 45 साल से भी लंबा राजनीतिक करियर रहा। वे 2008 से 2013 तक दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे। 2008 में बीजेपी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार भी बनाया था।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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