Sukhwinder Singh Sukhu: कांग्रेस ने हिमाचल के नए सीएम के नाम पर मुहर लगा दी है। सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल के नए मुख्यमंत्री होंगे। एक छात्र नेता से राजनीति की शुरूआत करने वाले सुक्खू इस समय पहले से ही सीएम की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे थे। उनके पास सबसे ज्यादा विधायकों का समर्थन था।
यहां से शुरू की राजनीति
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक छात्र नेता के तौर पर राजनीति में एंट्री की थी। मूल रूप से हिमाचल के हमीरपुर जिले के नादौन के रहने वाले सुक्खू ने कानून की पढ़ाई की है। कॉलेज के दिनों में ही सुक्खू कांग्रेस की विचारधारा से प्रभावित हुए और कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) से जुड़े गए। जिसके बाद वह 1989 में NSUI की राज्य इकाई के अध्यक्ष चुने गए। 1998-2008 के बीच, सुखविंदर ने राज्य युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया।
दो बार चुने गए पार्षद
1992 और 2002 के बीच सुक्खू शिमला नगर निगम से दो बार पार्षद भी चुने गए। इसके बाद वो पार्टी में लगातार बढ़ते रहे। युथ कांग्रेस में अपने कार्यकाल के बाद, वह 2008 में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बने। इसके बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी बने, तब उनकी संगठन संभालने की क्षमता की खूब प्रशंसा हुई।
जीते विधायकी का चुनाव
2003 में पहली बार सुक्खू विधानसभा का चुनाव जीते। इसके बाद 2007 और 2017 में जीत हासिल की और फिर 2022 में भी जीते, वो भी अनुराग ठाकुर के गढ़ में। इस चुनाव में सुक्खू को कांग्रेस की प्रचार कमेटी का चीफ भी बनाया गया था।
वीरभद्र सिंह का प्रतिद्वंदी
सुक्खू, जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं। सुक्खू को राहुल गांधी के करीबी सहयोगी के साथ-साथ वीरभद्र सिंह का प्रतिद्वंद्वी भी माना जाता है। कई नीतियों को लेकर पहले वो वीरभद्र सिंह की आलोचना कर चुके हैं। अब जब वीरभद्र सिंह इस दुनिया में नहीं हैं, तब सुक्खू की पकड़ पार्टी पर और मजबूत हो गई है।
