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राजद के मंत्री से लेकर BJP के प्रदेश अध्यक्ष तक... कौन हैं सम्राट चौधरी? जो बनेंगे बिहार के नए 'डिप्टी सीएम'

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jan 28, 2024, 12:47 PM IST

Samrat Chaudhary Profile: भाजपा प्रदेश प्रभारी विदेश तावड़े ने बताया कि विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को पार्टी के विधायक दल का नेता चुना है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया है।

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सम्राट चौधरी

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Samrat Chaudhary Profile: बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भाजपा ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जदयू को समर्थन देने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही पार्टी की ओर से डिप्टी सीएम पद के चेहरे भी तय कर दिए गए हैं। भाजपा प्रदेश प्रभारी विदेश तावड़े ने बताया कि भाजपा विधायक दल की बैठक में सभी ने एक मत से जदयू को समर्थन देने का प्रस्ताव पास किया। बैठक में सर्वसम्मति से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी को पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया है।

भारतीय जनपा पार्टी की ओर से इस औपचारिक ऐलान के साथ ही यह भी तय हो गया है कि नीतीश कुमार की नई सरकार में सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा डिप्टी सीएम होंगे। बता दें, पहले ही खबरें सामने आई थीं कि जदयू और भाजपा के बीच डील इसी बात पर तय हुई है कि नीतीश कुमार सीएम और भाजपा के दो डिप्टी सीएम होंगे। तो आइए जानते हैं कौन हैं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी, जिन्हें चुना गया विधायक दल का नेता...

शकुनी चौधरी के बेटे हैं सम्राट चौधरी

बिहार के नए डिप्टी सीएम बनने जा रहे सम्राट चौधरी की राजनीतिक विरासत काफी सम्रद्ध है। 53 साल के सम्राट शकुनी चौधरी के बेटे हैं, जो समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। बता दें, शकुनी चौधरी का नाम कुशवाहा समाज के बड़े नेताओं में शुमार रहा है, वह खुद भी विधायक और सांसद रहे हैं। मूल जिले मुंगेर से आने वाले सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 में हुआ था।

राजद से हुई राजनीतिक करियर की शुरुआत

सम्राट चौधरी का सक्रिय राजनीति में प्रवेश 1990 में हुआ। बिहार विधान परिषद की वेबसाइट के मुताबिक, 1995 में उन्हें एक राजनीतिक मामले में 89 दिनों के लिए जेल जाना पड़ा था। इसके बाद उनके करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से हुई। 1999 में वे राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री रहे, लेकिन कम उम्र के कारण विवाद खड़ा हो गया और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद चौधरी सन् 2000 और 2010 मे परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 2010 में ही वे बिहार विधानसभा में विपक्षी दल के मुख्य सचेतक भी रहे। 2014 में उन्हें जीतन राम मांझी सरकार में शहरी विकास और आवास विभाग के मंत्री की जिम्मेदारी मिली। 2018 में सम्राट चौधरी ने राजद से नाता तोड़ लिया और भाजपा में शामिल हो गए, जिसके बाद उन्हें बिहार भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भी बनाया गया। इसके बाद सम्राट चौधरी का कद भाजपा में बढ़ता ही गया और 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्हें एनडीए की ओर से स्टार प्रचारक भी बनाया गया। 2022 में सम्राट चौधरी को भाजपा ने बिहार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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