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कौन हैं नायब सिंह सैनी? खट्टर के करीबी, संगठन का लंबा अनुभव...अब बनने जा रहे हरियाणा के नए मुख्यमंत्री

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 12, 2024, 02:54 PM IST

Haryana New CM Nayab Singh Saini Profile: नायब सिंह सैनी वर्तमान में कुरुक्षेत्र से सांसद और हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। उनकी गिनती मनोहर लाल खट्टर के करीबी नेताओं में होती है। नायब सिंह सैनी के पास संगठन के साथ-साथ राजनीतिक क्षेत्र में काम करने का लंबा अनुभव रहा है।

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नायब सिंह सैनी

Photo : Twitter

Haryana New CM Nayab Singh Saini Profile: हरियाणा में आज सियासी घटनाक्रम बड़ी तेजी से बदले। बीजेपी और जजपा के आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनी, जिसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपनी पूरी कैबिनेट के साथ इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नए सिरे से सरकार गठन की तैयारी शुरू हो गई। बीजेपी विधायक दल की बैठक में नायब सिंह सैनी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया, अब वह शाम 5 बजे हरियाणा के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे।

नायब सिंह सैनी हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं और कुरुक्षेत्र से लोकसभा सांसद भी हैं। संगठन में काम करने का उन्हें लंबा अनुभव रहा है और वह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के भी करीबी नेताओं में गिने जाते हैं, आइए जानते हैं हरियाणा के नए सीएम नायब सिंह सैनी के बारे में...

ओबीसी समुदाय के नेता, लंबा राजनीतिक अनुभव

नायब सिंह सैनी ओबीसी समुदाय से आते हैं। उनके पास संगठन में काम करने के साथ ही और राजनीतिक तौर पर लंबा अनुभव रहा है। 1996 में उन्हें हरियाणा बीजेपी के संगठन में जिम्मेदारी दी गई। उसके बाद 2002 में वह अंबाला बीजेपी युवा मोर्चा के जिला महामंत्री के पद पर रहे। 2005 में नायब सैनी अंबाला बीजेपी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष भी रहे। इसके बाद उन्हें 2009 में बीजेपी किसान मोर्चा हरियाणा का प्रदेश महामंत्री बनाया गया। 2012 में वह अंबाला के जिला अध्यक्ष भी रहे। 2014 में उन्हें नारायण गढ़ विधानसभा सीट से टिकट मिला और वह विधायक बने।

खट्टर के करीबी नेताओं में गिनती

नायब सिंह सैनी की गिनती मनोहर लाल खट्टर के करीबी नेताओं में होती है। इसका मजमून 2016 में दिखाई दिया, जब खट्टर के नेतृत्व वाली सरकार में नायब सिंह सैनी को राज्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद 2019 में उन्हें बीजेपी ने कुरुक्षेत्र से लोकसभा का टिकट दिया और वह सांसद बन गए। 2023 में बीजेपी नेतृत्व ने उन्हें हरियाण बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष भी बना दिया।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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