BJP National Convention: भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन भारत मंडपम में चल रहा है। इसमें पीएम मोदी, नड्डा और अमित शाह से लेकर पार्टी के कई पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। बीजेपी ने राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन रविवार को यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था पर एक श्वेत पत्र जारी किया गया है। इस श्वेत पत्र में यूपीए सरकार के पिछले 10 वर्षों के दौरान वित्तीय अनियमितताओं का विवरण दर्ज किया गया।
इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के साथ विपक्षी पार्टियों पर भी जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा, पीएम मोदी का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत आत्मनिर्भर बने। वहीं सोनिया गांधी का लक्ष्य है कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन जाएं। इसी तरह पवार साहब का लक्ष्य अपनी बेटी को सीएम बनाना है। ममता बनर्जी का लक्ष्य अपने भतीजे को सीएम बनाना है, स्टालिन का लक्ष्य अपने बेटे को सीएम बनाना है, लालू यादव का लक्ष्य अपने बेटे को सीएम बनाना है, उद्धव ठाकरे का लक्ष्य अपने बेटे को सीएम बनाना है और मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे को सीएम बनाकर ही गए।
'गरीबों के कल्याण के बारे में क्या सोचेंगे'
अमित शाह ने इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा, जिनका लक्ष्य अपने परिवार के लिए सत्ता हासिल करना है, क्या वे कभी गरीबों के कल्याण के बारे में सोचेंगे? उन्होंने आगे कहा, प्रधानमंत्री मोदी गरीबों, देश के विकास के बारे में सोचते हैं। जबकि विपक्षी गुट इंडिया के नेता अपने बच्चों को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री बनाने के बारे में सोचते हैं। इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव की तुलना महाभारत के युद्ध से की और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक समूह का नेतृत्व कर रहे हैं और भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण के लिए जानी जाने वाली परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व कांग्रेस कर रही है।
आंतकवाद और नक्सलवाद मुक्त हो जाएगा भारत
शाह ने कहा, लोगों ने मन बना लिया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सत्ता में रहेंगे और इसमें कोई संदेह नहीं है। पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल में देश आतंकवाद, नक्सलवाद की समस्या से भी मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, अगर भाजपा में परिवारवाद की राजनीति होती तो चाय बेचने वाले का बेटा देश का प्रधानमंत्री नहीं बनता। उन्होंने कांग्रेस के राम मंदिर के निमंत्रण को न स्वीकारने पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस ने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का न्योता अपनी तुष्टीकरण की राजनीति के कारण अस्वीकार किया।
