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Operation Sindoor: भारत के किन हथियारों ने पाकिस्तानी मिसाइलों को हवा में किया था ध्वस्त, ड्रोन भी हुए थे पस्त; यहां देखें पूरी लिस्ट

Operation Sindoor: भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एयर डिफेंस सिस्टम का एक ऐसा अभेद्द दीवार खड़ा कर दिया था, जिससे पाकिस्तान की कोई भी मिसाइल अपने ठिकाने पर नहीं पहुंची और हवा में ही ध्वस्त हो गई।

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आकाश मिसाइल सिस्टम (फाइल फोटो)

Photo : PTI

Operation Sindoor: पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए जब भारत ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर हमला बोला तो पाकिस्तान बौखला गया। अपने आतंकियों को बचाने के लिए पाकिस्तान ने 7-8 मई की रात भारत पर मिसाइलों और ड्रोन्स से हमला बोल दिया, लेकिन पाकिस्तान का हर हमला नाकाम रहा। पाकिस्तान ने फिर अगले दिन मिसाइलों से हमला किया, लेकिन वो फिर से नाकाम रहा। पाकिस्तान के हमलों को जहां भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम रोक ले रहा था, वहीं भारत, पाकिस्तान में अंदर घुसकर हमले करते रहा। जिसके बाद दुनिया भर में भारत के एयर डिफेंस सिस्टम की चर्चा होने लगी। जिसके बाद अब सरकार की ओर से खुद प्रेस रिलीज जारी कर बता दिया गया है कि पाकिस्तान के मिसाइलों और ड्रोन्स को रोकने में किन-किन हथियारों का प्रयोग किया गया।

पाकिस्तान का पहला अटैक रहा नाकाम

07-08 मई 2025 की रात को, पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों से अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज सहित उत्तरी और पश्चिमी भारत में कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया, लेकिन इन्हें एकीकृत काउंटर यूएएस (मानव रहित हवाई प्रणाली) ग्रिड और वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा निष्प्रभावी कर दिया गया। हवाई सुरक्षा प्रणालियां रडार, नियंत्रण केंद्रों, तोपखाने और विमान और जमीन-आधारित मिसाइलों के नेटवर्क का उपयोग करके ऐसे खतरों का पता लगाकर उनका पीछा करते हुए, उन्हें बेअसर करती हैं।

अभेद्य दीवार बनाकर हमले किए नाकाम

भारत की हवाई सुरक्षा प्रणाली ने सेना, नौसेना और मुख्य रूप से वायु सेना की युद्धक सामग्रियों को मिलाकर, असाधारण तालमेल के साथ प्रदर्शन किया है। इन प्रणालियों ने एक अभेद्य दीवार बनाई, जिसने पाकिस्तान की तरफ से की गई जवाबी कार्रवाई के कई प्रयासों को विफल कर दिया। भारतीय वायुसेना की एकीकृत वायु कमान और नियंत्रण प्रणाली (आईएसीसीएस) इन सभी घटकों को एक साथ लाई, जिससे आधुनिक युद्ध के लिए आवश्यक केंद्रित परिचालन क्षमता प्रदान की गई।

अंतर्राष्ट्रीय सीमा से भीतर की ओर कई रक्षात्मक परतें

  • जवाबी मानव रहित हवाई प्रणालियां
  • कंधे पर रखकर दागे जाने वाले हथियार
  • पुराने वायु रक्षात्मक हथियारों का इस्तेमाल
  • आधुनिक वायु रक्षा हथियार प्रणालियां
ऑपरेशन सिंदूर के तहत निम्नलिखित का उपयोग किया गया
  • युद्ध-प्रमाणित एडी (वायु रक्षा) प्रणालियां
  • जैसे पिकोरा, ओएसए-एके और एलएलएडी गन (निम्न-स्तरीय वायु रक्षा बंदूकें)।
  • बेहतर प्रदर्शन करने वाली आकाश जैसी स्वदेशी प्रणालियां

आकाश मिसाइल सिस्टम

आकाश छोटी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली एक मिसाइल प्रणाली है जो हवाई हमलों की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों और सामरिक बिंदुओं की रक्षा करती है। आकाश हथियार प्रणाली समूह मोड या स्वायत्त मोड में एक साथ कई लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटर मेजर (ईसीसीएम) सुविधाएं अंतर्निहित हैं। संपूर्ण हथियार प्रणाली को मोबाइल प्लेटफ़ॉर्म पर विशिष्ट कार्यों के अनुरूप किया गया है।

दूसरा हमला भी नाकाम रहा

इस बहु-स्तरीय सुरक्षा ने 9-10 मई की रात को हमारे हवाई अड्डों और सामरिक प्रतिष्ठानों पर पाकिस्तानी वायु सेना के हमलों को रोका। पिछले एक दशक में लगातार सरकारी निवेश से निर्मित ये प्रणालियां इस ऑपरेशन के दौरान मनोबल बढ़ाने वाली साबित हुईं। उन्होंने यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई कि दुश्मन के जवाबी हमलों के दौरान भारत में नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचा दोनों ही बड़े पैमाने पर अप्रभावित रहे।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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