बिजनेस

US-Iran War : $94 डॉलर पार पहुंचा Crude; इंडियन बास्केट का औसत $90 के करीब

US-Iran War की स्थिति बिगड़ती जा रही है। Brent Crude Oil Price 94 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। वहीं, इंडियन बास्केट का अगस्त का औसत भी $90 के करीब है।

Image

क्रूड ऑयल में तेजी

US-Iran War की वजह से एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी है। Brent crude शुक्रवार, 21 अगस्त को करीब $94 प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे पहले गुरुवार को ब्रेंड में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई थी। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या क्रूड $95 के पार जाता है।

वहीं, दूसरी तरफ इंडियन बास्केट में भी क्रूड के दाम में तेजी है। सरकार के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस यानी PPAC के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में अब तक Indian Basket का औसत भाव $89.31 प्रति बैरल है। वहीं, 19 अगस्त, 2026 को Indian Basket $93.45 प्रति बैरल तक पहुंच चुका था। यानी महीने का औसत करीब $90 पहुंच गया है।

फिर बढ़ने लगा तेल का दबाव

वित्त वर्ष 2026-27 के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल में Indian Basket की औसत कीमत $114.48, मई में $106.23, जून में $83.22 और जुलाई में $82.04 रही थी। अगस्त में औसत फिर बढ़कर $89.31 हो गया है। यानी जून और जुलाई की राहत के बाद अगस्त में क्रूड मार्केट का रुख तेजी की तरफ मुड़ गया है। 19 अगस्त की $93.45 की कीमत जुलाई के औसत $82.04 से करीब 14 फीसदी ज्यादा है। यह बताता है कि हालिया तनाव का असर भारतीय क्रूड बास्केट पर भी साफ दिख रहा है।

भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

भारत अपनी जरूरत के कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड के दाम बढ़ने का सीधा असर देश के तेल आयात बिल पर पड़ता है। अगर ब्रेंड और इंडियन बास्केट लंबे समय तक $90 से ऊपर बने रहते हैं तो इससे भारत के लिए आयात लागत बढ़ सकती है। महंगा क्रूड रुपये पर भी दबाव डाल सकता है, क्योंकि तेल आयात के भुगतान के लिए ज्यादा डॉलर की जरूरत होती है। इसके अलावा एविएशन, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और पेट्रोकेमिकल जैसे सेक्टर की लागत बढ़ सकती है। लंबे समय तक महंगा तेल रहने पर महंगाई का दबाव भी बढ़ने का जोखिम रहता है।

$95 के बाद क्या होगा?

फिलहाल क्रूड मार्केट की दिशा काफी हद तक US-Iran War की स्थिति तय कर रही है। Brent इस हफ्ते 7 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है और लगातार दूसरे हफ्ते तेजी आई है। अगर US-Iran तनाव कम होता है, शांति बातचीत दोबारा आगे बढ़ती है और Hormuz Strait में तेल आवाजाही सामान्य होती है, तो क्रूड में तेजी पर ब्रेक लग सकता है। लेकिन, अगर युद्ध लंबा खिंचता है और सप्लाई बाधित रहती है, तो $95 के पार जाने के बाद $100 का स्तर भी बाजार की नजर में आ सकता है।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

    और पढ़ें
    End of Article