पीएम मोदी ने मंगलवार को तेलंगाना में एक रैली के दौरान बड़ा खुलासा कर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि तेलंगाना के सीएम और बीआरएस के मुखिया केसीआर उनसे मिलने एक बार दिल्ली आए थे, तब उन्होंने एनडीए में शामिल होने की इच्छा जताई थी। हालांकि पीएम मोदी ने उन्हें उनके कारनामों की वजह से मना कर दिया था।
'कांग्रेस बीआरएस मिले हुए हैं'
पीएम मोदी ने दावा किया है कि कांग्रेस और बीआएस अंदर ही अंदर मिले हुए हैं। कर्नाटक में कांग्रेस को बीआरएस ने मदद किया था, अब यहां कांग्रेस बीआरएस को मदद कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि आज पहली बार वो एक रहस्य खोल रहे हैं।
पीएम मोदी का खुलासा
पीएम मोदी ने कहा कि जब हैदराबाद नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने 48 सीटें जीतीं तो केसीआर को समर्थन की जरूरत पड़ी। इस चुनाव से पहले वे एयरपोर्ट पर मेरा स्वागत करने आते थे लेकिन बाद में अचानक उन्होंने ऐसा करना बंद कर दिया। पीएम मोदी ने कहा-" फिर क्या हुआ? अचानक बंद कर दिया? अचानक गुस्सा क्यों निकलने लगा? इसका कारण है कि हैदराबाद के चुनाव के बाद वह मुझसे दिल्ली में मिलने आए। बहुत बढ़िया मुझे शॉल ओढ़ाई। बहुत आदर किया। इतना प्यार दिखाया, इतना प्यार दिखाया...यह केसीआर के चरित्र में ही नहीं है। और फिर मुझे कहने लगे कि आपके नेतृत्व में देश प्रगति कर रहा है। हम भी एनडीए (राजग) का हिस्सा बनना चाहते हैं। आप हमें शामिल कर लीजिए"
पीएम ने कर दिया मना
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने केसीआर से इसकी वजह जानना चाही, तो उन्होंने हैदराबाद नगर निगम में भाजपा के समर्थन की मांग की। मोदी ने कहा- "मैंने केसीआर को कहा कि आपके कारनामे ऐसे हैं कि मोदी आपके साथ जुड़ नहीं सकता है। हैदराबाद में हमें विपक्ष में बैठना पड़ेगा, तो हम बैठेंगे। केसीआर की सरकार हमारे कार्यकर्ताओं पर जुल्म करेगी, तो हम जुल्म सहेंगे, लेकिन हम तेलंगाना की जनता से दगा नहीं कर सकते हैं। मैंने उन्हें हर प्रकार से मदद करने से इंकार कर दिया। राजग में प्रवेश देने से इंकार कर दिया। फिर उसके बाद उनका दिमाग फटका। फिर तो वह दूर भागते रहे।
केटीआर को लेकर भी किया दावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि केसीआर फिर एक बार उनसे मिलने आए। मोदी ने कहा- "उन्होंने (केसीआर) कहा कि मोदी जी, मैंने बहुत काम कर लिया। अब मैं सारा कारोबार केटीआर को दे देना चाहता हूं। मैं एक बार केटीआर को भेजूंगा। आप जरा उसको आशीर्वाद दे देना। यह उन्होंने मुझे कहा। मैंने कहा केसीआर...यह लोकतंत्र है। तुम कौन होते हो बेटे को राजगद्दी सौंपने वाले? तुम कोई राजा-महाराजा हो क्या? मैंने कहा कि लोकतंत्र में तेलंगाना की जनता तय करेगी। किसको बिठाना है, किसको नहीं बिठाना है। बस वह दिन आखिरी था। उसके बाद एक बार भी आंखें नहीं मिला पा रहे हैं, वह मुझसे। मेरी परछाई भी देखने की हिम्मत नहीं बची उनकी।"
