हिंदुओं के धर्मग्रंथ Ramcharit Manas के कुछ चौपाई को लेकर देश में बवाल मचा हुआ है। राजनीतिक पार्टियों के नेता सियासी लाभ लेने के लिए विवादित बयान लगातार दे रहे है। वहीं इसको लेकर संतों से लेकर सियासी धुरंधरों तक ने मोर्चा खोल दिया है। अब Bageshwar Dham वाले बाबा ने कहा है कि रामचरितमानस भारत की एक धरोहर है। उन्होंने तो सरकर से मांग कर दी कि रामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित कर देना चाहिए
बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) ने कहा कि रामचरितमानस (Ramcharitmanas) भारत की धरोहर है, Ramcharitmanas और भगवान श्रीराम पर उंगली उठाना एक इंटरनेशनल साजिश का हिस्सा है, हिंदूओं को आपस में लड़ाकर फूट डालो शासन करो की तैयारी है।
गौर हो कि लखनऊ में रामचरितमानस फाड़ने और जलाने वालों के खिलाफ केस दर्ज, शिकायत में स्वामी प्रसाद मौर्य का भी नाम भी है, इस मामले में बीजेपी के एक नेता ने शिकायत दर्ज कराई थी, पुलिस का कहना है कि रामचरितमानस के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां और सार्वजनिक रूप से इसके पन्नों को जलाने से समाज में विभाजन पैदा हो सकता है।
दरअसल रविवार सुबह पीजीआई के वृंदावन कालोनी में रामचरित मानस की प्रतियां फाड़ी और जलाई गई थीं, ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों ने ये काम किया, उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्या के समर्थन में नारेबाजी की और प्रतियां जलाईं।
उनका कहना है कि रामचरित मानस के रचयिता तुलसीदास ने इसमें कुछ आपत्तिजनक चौपाईयां लिखी हैं जिन्हें निकाला जाना चाहिए, ये चौपाइयां नारियों और शूद्रों के संबंध में अपमानजनक हैं, प्रतियां जलाने का सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो रहा है।
