पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण SIR में जुटे कर्मचारियों को ओडिशा में घुसना भारी पड़ गया। ये गलती से ओडिशा में प्रवेश कर गए, जिसके बाद ग्रामीणों ने इन्हें बच्चा चोर समझ लिया। जबतक ये कुछ समझा पाते, गांववालों ने हमला बोल दिया। हाल ये हुआ कि SIR के कार्य में लग इन कर्मचारियों के लिए जान बचाना मुश्किल हो गया।
ऑटो-रिक्शा के चालक ने पहुंचा दिया ओडिशा
पीटीआई के अनुसार पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के एसआईआर कार्य के लिए तैनात दो अधिकारी गलती से पड़ोसी राज्य ओडिशा के बालासोर जिले के एक गांव में पहुंच गए, जहां उन्हें बच्चा चोर गिरोह का सदस्य समझकर स्थानीय लोगों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार को उस समय हुई जब दोनों अधिकारी बालासोर जिले के रायबानिया थाना क्षेत्र के एक गांव में पहुंच गए जो पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है। पुलिस ने बताया कि दोनों अधिकारियों को एसआईआर के लिए ’माइक्रो-ऑब्जर्वर’ के रूप में तैनात किया गया था और उन्हें पश्चिम बंगाल के नयाग्राम ब्लॉक के एक गांव में जाना था। हालांकि, किराए पर लिये गये ऑटो-रिक्शा के चालक ने उन्हें गलती से ओडिशा के सीमावर्ती गांव में पहुंचा दिया।
72 लोग किए जा चुके हैं गिरफ्तार
स्थानीय लोगों को उन पर बच्चा चोरी गिरोह का सदस्य होने का संदेह हुआ और उन्होंने उनसे मारपीट की। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ ने पुलिस को भी रोका और पुलिस दल के साथ धक्का-मुक्की की। कुछ समय बाद पुलिस ने दोनों अधिकारियों को भीड़ से बचाया। बालासोर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन बेहरा ने शुक्रवार को फोन पर ’पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए हैं और अब तक 72 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। रायबानिया थाना प्रभारी निरीक्षक चंपावती सोरेन ने बताया कि एसआईआर ड्यूटी में तैनात अधिकारियों को रायबानिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसी दिन उन्हें छुट्टी दे दी गई।
