पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर की बयानबाजी को ‘मुहम्मद अली जिन्ना की भाषा’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बंगाली हिंदुओं के लिए सीधी चुनौती है। अधिकारी की यह टिप्पणी मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में छह दिसंबर को कबीर द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ की शैली की तर्ज पर एक मस्जिद की आधारशिला रखे जाने को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच आई है। कबीर की इस पहल पर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
बाबर भारतीय नहीं, लुटेरा था
भाजपा नेता ने आगे कहा कि बाबर का नामकरण भारत की सभ्यता का अपमान है। बाबर भारतीय नहीं था, वह लुटेरा था… उसने मंदिर तोड़े, धर्मांतरण कराया, खजाना लूटा। उसके नाम पर किसी संरचना को नाम देना किसी भी भारतीय के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि आप अपनी जमीन पर, अपने समुदाय के धन से, कानूनी तौर पर मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे बनाएं। लेकिन रेजिनगर में जो हुआ वह धार्मिक आस्था नहीं थी। यह राज्य के संरक्षण में कट्टरपंथियों का शक्ति प्रदर्शन था।
हुसैन सुहरावर्दी और मुहम्मद अली जिन्ना की भाषा बोल रहे कबीर
शुभेंदु ने कबीर पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि हुमायूं कबीर अब जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह हुसैन सुहरावर्दी और मुहम्मद अली जिन्ना की भाषा से अलग नहीं है। यह एक चुनौती है, एक युद्धघोष है, यह सह-अस्तित्व की भाषा नहीं है। भाजपा नेता ने कार्यक्रम के दौरान भारी पुलिस तैनाती का जिक्र करते हुए शासन पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जब किसी महाविद्यालय में सरस्वती पूजा होती है, तो छात्रों को उच्च न्यायालय जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जब मैं भवानीपुर में होलिका दहन करता हूं, तो अदालत के आदेश के तहत। यह रात नौ बजे के बाद एक गली के अंदर होना चाहिए। यहां तक कि देवी काली की प्रतिमाओं को भी जेल की गाड़ियों में रखा जाता है। लेकिन यहां बिना अनुमति के, पुलिस के समर्थन से लाउडस्पीकर, लाखों लोगों की भीड़ और चंदा इकट्ठा करने की अनुमति दी गई।
अगर हिंदू एकजुट नहीं हुए तो...
इधर, निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुस्लिम मतदाताओं को राजनीतिक रूप से एकजुट होने की अपील की है। उनकी इस अपील पर भी शुभेंदु अधिकारी ने पलटवार किया है कि अगर हिंदू एकजुट नहीं हुए तो भविष्य में कई जगहों का नाम औरंगजेब के नाम पर रखा जाएगा।
टीएमसी भी पीछे नहीं
दूसरी ओर टीएमसी ने भाजपा पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण कराने का आरोप लगाया। राज्य के मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि बंगाल को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश हो रही है। बंगाल कट्टरता में विश्वास नहीं करता।
कबीर ने ममता पर लगाए गंभीर आरोप
कबीर ने भी टीएमसी और ममता बनर्जी पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व को व्यवस्थित रूप से कम किया गया। उनका दावा है कि 2011 में 67 मुस्लिम विधायक थे, जो 2016 में घटकर 57 और 2021 में सिर्फ 44 रह गए। उन्होंने 90 अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर प्रतिनिधित्व बढ़ाने की बात कही।
