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'मेरे नाम पर बनाई गईं वेबसाइट'; जब CJI सूर्यकांत ने साइबर क्राइम से जुड़ा सुनाया किस्सा

Cybercrime: मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने देश में बढ़ते साइबर क्राइम पर चिंता जताते हुए एक किस्सा सुनाया। साथ ही उन्होंने साइबर फ्रॉड को 'एक्सटॉर्शन और डकैती' करार दिया और कहा कि ऐसे मामलों में 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी हो चुकी है।

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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (फाइल फोटो)

Cybercrime: मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने देश में बढ़ते साइबर क्राइम पर चिंता जताते हुए एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि उनके नाम से कई फर्जी वेबसाइट बनाई गईं, जिनका इस्तेमाल उनके रिश्तेदारों को मैसेज भेजने के लिए किया गया।

जयपुर में आयोजित ''साइबर सिक्योरिटी: अवेयरनेस, प्रोटेक्शन एंड इनक्लूसिव एक्सेस टू जस्टिस'' विषय पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने साइबर फ्रॉड को 'एक्सटॉर्शन और डकैती' करार दिया और कहा कि ऐसे मामलों में 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी हो चुकी है।

CJI सूर्यकांत ने क्या कुछ कहा?

सीजेआई ने कहा, ''साइबर सुरक्षा न्याय की बातचीत का एक अहम हिस्सा है। हमें बचपन से सिखाया जाता है कि पहले सोचें और फिर काम करें। डिजिटल दुनिया में यही अनुशासन हमें साइबर खतरों से बचाता है। हम अक्सर OTP चोरी और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों की बात करते हैं। मैंने डिजिटल अरेस्ट के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट में नोटिस जारी किया था और एक बुजुर्ग पीड़ित के मामले का संज्ञान लिया था। मैं आज इसे मॉनिटर कर रहा हूं। 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी हुई है, जो साफतौर पर जबरन वसूली और डकैती का मामला है।''

साइबर फ्रॉड के 66 लाख मामले लंबित

गृह मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए सीजेआई ने बताया कि देशभर में करीब 66 लाख साइबर धोखाधड़ी के मामले लंबित हैं। उन्होंने कहा, ''गृह मंत्रालय के आंकड़े चिंताजनक हैं। देश में साइबर फ्रॉड के लगभग 66 लाख मामले लंबित हैं। यह अब कोई छोटा मुद्दा नहीं रहा, बल्कि एक बड़ी समस्या है। साइबर क्राइम की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती, यह एक वैश्विक समस्या बन चुकी है और हम सभी को मिलकर इसका समाधान निकालना चाहिए।''

CJI सूर्यकांत ने सुनाया किस्सा

सीजेआई ने पर्सनल किस्सा सुनाते हुए कहा, ''लगभग हर दूसरे दिन मेरे नाम से नई वेबसाइट बना दी जाती है। इन वेबसाइटों का इस्तेमाल मैसेज भेजने के लिए किया जाता है। मेरी बहन और कुछ युवा वकीलों को भी मेरे नाम से मैसेज मिले, लेकिन खुशकिस्मती से, उसकी भाषा आपत्तिजनक नहीं थी। मैंने तुरंत साइबर पुलिस को जांच के निर्देश दिए और पता चला कि ये वेबसाइटें नाइजीरिया में बनाई जा रही थीं।''

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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