देश

Weather Update: उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट, पूर्वोत्तर में ऑरेंज अलर्ट, हिमाचल में भूस्खलन से हाइवे बंद

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Aug 12, 2023, 01:36 PM IST

Weather Update: भारत मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। हिमाचल में भी बारिश होने की संभावना है। जबकि अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

Image

कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

Photo : PTI

Weather Update: भारत मौसम विभाग (IMD) ने 13 अगस्त और 14 अगस्त को उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। उधर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा रूट पर भूस्खलन के मलबे के नीचे दबकर गुजरात के तीन श्रद्धालुओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं मौसम विभाग के राज्य के छह जिलों में अगले कुछ दिन भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लोगों, खासकर पर्यटकों को इस दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी। धामी ने बारिश से प्रभावित कोटद्वार क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को आपदाग्रस्त क्षेत्र में जल्द संपर्क बहाल करने के निर्देश दिए। उधर हिमाचल प्रदेश में पुलिस ने कहा कि भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 5 को राज्य के सोलन जिले में परवानू के पास चक्की मोड़ पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने आगे कहा कि बहाली का काम चल रहा है। मंडी के ऊपर बादल मंडरा रहे हैं क्योंकि क्षेत्र में भारी वर्षा जारी है। उधर आईएमडी ने अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 12 अगस्त को राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बहुत तेज बारिश होने की संभावना है।

रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर फाटा क्षेत्र के तरसाली में भूस्खलन के मलबे के नीचे दबी एक कार में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह बारिश रुकने के बाद बोल्डर को हटाए जाने पर मलबे में दबी कार के अंदर से पांच शवों को निकाला गया। पुलिस के अनुसार, फाटा से सोनप्रयाग की तरफ जा रही कार पहाड़ से हुए भूस्खलन की चपेट में आ गई। उधर, मुख्यमंत्री ने पौड़ी जिले के कोटद्वार के आपदाग्रस्त क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को आपदाग्रस्त क्षेत्र में बाधित हुए सड़क संपर्क को युद्धस्तर पर बहाल करने तथा प्रभावितों को जरूरी सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक रितु खंडूरी भी उनके साथ मौजूद रहीं।

मुख्यमंत्री ने गाड़ीघाटी में क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण करते हुए पौड़ी के जिलाधिकारी आशीष चौहान को इसकी जल्द मरम्मत करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कोटद्वार और भाबर को जोड़ने वाले मालन नदी पर बने वैकल्पिक पुल का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का पहला प्रयास राज्य में मानसूनी बरसात से अस्त व्यस्त हुई चीजों को सामान्य करना और आपदा प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता एवं राहत प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति का आकलन किया जाएगा और व्यवस्थाओं में कमी को सुधारा जाएगा। देहरादून मौसम केंद्र के पूर्वानुमान में टिहरी, देहरादून, पौड़ी, चंपावत, नैनीताल, उधमसिंह नगर जिले में शुक्रवार के लिए बारिश का 'आरेंज' अलर्ट और अगले तीन दिन यानी 12 से 14 अगस्त तक के लिए 'रेड' अलर्ट जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 5 को राज्य के सोलन जिले में परवानू के पास चक्की मोड़ पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने आगे कहा कि बहाली का काम चल रहा है। पुलिस ने कहा कि राजमार्ग को हल्के वाहनों के लिए गुरुवार को खोला गया था और भूस्खलन के कारण शुक्रवार को इसे फिर से बंद करना पड़ा। पुलिस ने आज बताया कि इस बीच, राज्य के कुल्लू जिले में एक कार पर पत्थर गिरने से एक छह वर्षीय लड़के की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को दो बच्चों सहित एक परिवार के चार सदस्य अपनी कार में यात्रा कर रहे थे, तभी उस पर पत्थर और चट्टानें गिर गईं। चारों को जोनल अस्पताल, मंडी ले जाया गया, जहां सिर में चोट लगने के कारण लड़के को मृत घोषित कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि एक अन्य बच्चे की आंख पर चोट लगी है लेकिन उसे खतरे से बाहर बताया गया है। यह परिवार मंडी जिले के सुंदरनगर का रहने वाला था और जब यह हादसा हुआ तब वे कुल्लू से जा रहे थे। राज्य के सोलन जिले में शुक्रवार तड़के भूस्खलन के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर शिमला-कालका मार्ग बंद कर दिया गया। एक सप्ताह बाद गुरुवार को यह सड़क खोल दी गई। अधिकारियों के मुताबिक भारी बारिश और उसके बाद भूस्खलन और पहाड़ी से मलबा गिरने की घटनाओं के कारण राज्य भर में 200 से अधिक सड़कें अभी भी बंद हैं। राज्य के राजस्व और बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में 200 से अधिक सड़कें बंद हैं और बहाली का काम चल रहा है। 200 से अधिक बिजली आपूर्ति योजनाएं भी क्षतिग्रस्त हैं। हमारी टीमें और अधिकारी मैदान में हैं।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article