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दिल्ली की आबोहवा में 'जहर' बरकरार, दक्षिण में बारिश के आसार, लेकिन प्रदूषण से कब मिलेगी राहत? जानें IMD का ताजा अपडेट

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Nov 6, 2023, 07:24 AM IST

Weather Update: मौसम विभाग ने फिलहाल दिल्ली में बारिश के आसार नहीं जताए हैं। इसके चलते यहां वायु गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद कम ही है। आरके पुरम में AQI 466, आईटीओ में 402, पटपड़गंज में 471 और न्यू मोती बाग में 488 दर्ज किया गया। इसका मतलब साफ है कि यह हवा किसी को भी बीमार करने के लिए काफी है।

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Photo : BCCL

Weather Update: दिल्ली समेत पूरे एनसीआर रीजन की हवा में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। बीते कुछ दिनों से यहां की आबोहवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की जा रही है। बाहर निकलते ही लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। सोमवार (आज) सुबह भी दिल्ली-एनसीआर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) गंभीर श्रेणी में ही दर्ज किया गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आरके पुरम में AQI 466, आईटीओ में 402, पटपड़गंज में 471 और न्यू मोती बाग में 488 दर्ज किया गया। इसका मतलब साफ है कि यह हवा किसी को भी बीमार करने के लिए काफी है। इस बीच प्रदूषण से राहत के लिए लोग बारिश से उम्मीदें लगाए बैठे हैं, लेकिन मौसम विभाग ने फिलहाल दिल्ली में बारिश के आसार नहीं जताए हैं। इसके चलते यहां वायु गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद कम ही है।

दक्षिण भारत में जमकर बारिश

उधर, दक्षिण भारत का रुख करें तो यहां जमकर बारिश हो रही है। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में पिछले दिनों भारी बारिश दर्ज की गई। IMD के मुताबिक, एक चक्रवाती परिसंचरण उत्तरी तमिलनाडु के आसपास बना हुआ है, जिसके कारण अगले पांच दिनों में दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं 5 से 9 नवंबर के बीच पुडुचेरी और कराईकल में भी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, ताजा पश्चिमी विक्षोभ 7 नवंबर की रात से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करेगा।

पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी बढ़ाएगी ठंड

मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी मैदानी इलाकों में कुछ ठंड बढ़ा सकती है। 7 से 9 नवंबर के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश व बर्फबारी दर्ज की जा सकती है। वहीं 8 व 9 नवंबर को हिमाचल प्रदेश और उत्ताखंड में भी मौसम स्थिर रहेगा।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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