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उफ्फ...ये टेंप्रेचर का टॉर्चर: फरवरी में ही क्यों जलाने-झुलसाने लगी जून जैसी गर्मी? जानिए

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Feb 21, 2023, 09:07 PM IST

फरवरी के असामान्य रूप से गर्म रहने की वजह से गेहूं-रबी की फसल को नुकसान होने के साथ अल-नीनो के आने की आशंका है।

फरवरी इस साल अपनी असामान्य गर्मी के लिए भी याद किया जाएगा। दिल्ली में जहां इस माह अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। 20 फरवरी को देश की राजधानी में साल 1969 के बाद से फरवरी का तीसरा सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। वहीं, राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में टेंप्रेचर 40 डिग्री सेल्सियस को छू गया। आइए, समझते हैं कि आखिरकार फरवरी में इतनी गर्मी कैसे पड़ गई?:

फरवरी, 2023 के गर्म होने के पीछे जो प्रमुख कारण माने जा रहे हैं, उनमें पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंसः भूमध्य सागर क्षेत्र में पनपने वाला तूफान, जिससे हिंदुस्तान में जनवरी-फरवरी में बारिश होती है) का कमजोर रहना भी है। मौसम से जुड़ा पूर्वानुमान लगाने वाली निजी कंपनी स्काईमेट वेदर के महेश पल्लावत की मानें तो फरवरी आते-आते वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कमजोर हो गया।

दूसरी वजह एंटी-साइक्लोन मूवमेंट है और इस बारे में आईएमडी के डीजी मृत्युंजय महापात्रा का मानना है कि इसके चलते सूर्य अपना तेवर फरवरी में दिखा रहा है। यह (एंटी-साइक्लोन मूवमेंट) गुजरात के ऊपर बन रहा है, जिससे हवा घड़ी के अनुसार वाली दिशा में घूम रही है। चूंकि, एंटी-साइक्लोन मूवमेंट से आकाश साफ रह रहा है और इसी वजह से गर्मी भी फिलहाल हो रही है।

delhi hot weather

हुमायूं के मकबरे में गर्मी के बीच सिर को कपड़े से ढंक कर निकलती महिलाएं। (फाइल)

फरवरी के असामान्य रूप से गर्म रहने के पीछे तीसरा अहम कारण पछुआ जेट का असरदार रहना है। दरअसल, मेरीलैंड विवि और आईआईटी बॉम्बे के जलवायु वैज्ञानिक रघु मुर्तुगुड्डे ने 'डाउन टू अर्थ' मैग्जीन को इस बारे में बताया- पछुआ जेट गर्म समुद्र और रेगिस्तानी हवाओं पर असर डाल रही है।

दरअसल, दिल्ली की सफदरजंग वेधशाला (प्रमुख मौसम स्टेशन) में सोमवार (20 फरवरी, 2023) को अधिकतम तापमान सामान्य से नौ डिग्री अधिक 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह दिन 1969 के बाद से फरवरी का तीसरा सबसे गर्म दिन रहा। पीतमपुरा में स्वचालित मौसम केंद्र ने अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो सामान्य से 10 डिग्री अधिक रहा, जबकि नजफगढ़ और रिज स्टेशनों पर अधिकतम तापमान 34.6 और 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से नौ से 10 डिग्री अधिक था।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा से खास बातचीत में कहा था कि दिल्ली में 26 फरवरी, 2006 को 34.1 डिग्री सेल्सियस का सर्वकालिक उच्च तापमान और 17 फरवरी, 1993 को अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं, आईएमडी के एक अन्य अधिकारी ने बताया था, “यह 1969-2023 की अवधि में दिल्ली में तीसरा सबसे अधिक तापमान है।”

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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