Tejashwi Yadav : बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने गुरुवार को चुनाव आयोग (EC) पर भाजपा के इशारे में पर काम करने का आरोप लगाया। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता ने कहा कि बिहार में कराए जा रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर नहीं बल्कि इसे कराए जाने के तरीके पर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की सलाह को भी EC नहीं मान रहा। राजद नेता ने कहा कि उसका यह रवैया लोकतंत्र के खिलाफ है। बिहार लोकतंत्र की जननी है और इस बचाने के लिए वह हर मोर्चे पर लड़ेंगे।
ईसी ने सुप्रीम कोर्ट की सलाह नहीं मानी
पटना में चुनाव आयोग को निशाने पर लेते हुए तेजस्वी ने कहा कि ईसी की इस एसआईआर प्रक्रिया को हम लगातार चुनौती दे रहे हैं। हमने इसे लोगों के बीच उठाया। बिहार बंद किया यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक गए। शीर्ष अदालत ने दस्तावेजों में आधार शामिल करने की सलाह भी दी लेकिन ईसी कोर्ट के सलाह को नहीं माना। हम लोग पटना और दिल्ली में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिले लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। हमारे सवालों को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश गुप्ता जवाब नहीं दे रहे हैं।
पीएम, गृह मंत्री के एजेंडे पर काम कर रहा EC-तेजस्वी
तेजस्वी ने कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग का सबसे बड़ा चुनावी अभियान होता है। इस अभियान में मतदाता सूची से लोगों को जोड़ा जाता है लेकिन बिना विपक्षी दलों को जानकारी दिए आनन-फानन में बिहार में इसे कराने का फैसला हुआ। राजद नेता ने कहा कि एसआईआर कराने की जल्दबाजी से उन्हें शक हुआ। तेजस्वी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर पीएम मोदी और अमित शाह के 'एजेंडे' पर काम करने का आरोप लगाया।
विपक्ष के नेताओं को चिट्ठी लिखेंगे तेजस्वी
उन्होंने कहा, 'हमें एसआईआर से दिक्कत नहीं है बल्कि इसे कराने के तरीके पर विरोध है। यह तरीका लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है। हम लोग लोकतंत्र में रहते हैं और बिहार लोकतंत्र की जननी है, हम बिहार से लोकतंत्र को खत्म होते नहीं देख सकते। हम हर मोर्च पर लड़ाई लड़ेंगे। हम विपक्ष के नेताओं को चिट्ठी लिखने जा रहे हैं। 19 जुलाई को दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे के यहां बैठक होगी। इस बैठक में हम शामिल होंगे और अपनी बात मजबूती के साथ रखेंगे।'
