पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने अवैध संपत्ति के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। पुलिस ने देऊचा गांव में एक पूर्व सरकारी बस ड्राइवर और मौजूदा पत्थर कारोबारी मीनार मंडल के दो मंजिला मकान पर छापेमारी कर 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी और 15 किलो सोना बरामद किया है। बरामद किए गए सोने में 1-1 किलो की 14 छड़ें और 100-100 ग्राम के 10 बिस्कुट शामिल हैं, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 21.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, नोटों की गिनती के लिए मशीनें लगानी पड़ीं और कई बैगों में भरी नकदी का आंकड़ा 20 करोड़ रुपये को पार कर गया। पुलिस ने बताया कि मीनार मंडल पहले 'नॉर्थ बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन' में ड्राइवर था, लेकिन कुछ साल पहले नौकरी छोड़कर अपने रिश्तेदार मोहम्मद नजीबुद्दीन उर्फ 'टुल्लू मंडल' के पत्थर के कारोबार में शामिल हो गया था।
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पशु तस्करी और अवैध खनन के मामलों में वांछित
टुल्लू मंडल, जो पशु तस्करी और अवैध खनन के मामलों में वांछित है, फिलहाल फरार है। मीनार मंडल उस क्षेत्र के एक प्रमुख टोल गेट का संचालन देखता था, जहां से पत्थरों से लदे ट्रक गुजरते थे। आरोप है कि सरकारी खजाने में जमा होने वाले राजस्व का एक बड़ा हिस्सा हड़प कर यह बेहिसाब संपत्ति बनाई गई थी। इस बड़ी बरामदगी ने 2022 के अर्पिता मुखर्जी केस की यादें ताजा कर दी हैं।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने जांच अधिकारी की तारीफ की
राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस टीम और अधिकारियों की तारीफ करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार के समय अवैध खनन से राज्य को हर साल करीब 1100 करोड़ रुपये का नुकसान होता था। उन्होंने साफ किया कि सार्वजनिक संसाधनों की लूट करने वालों के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, टीएमसी के एक धड़े ने भी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
