नीट पेपर लीक विवाद पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महीने भर से अधिक चले आंदोलन के सफल होने के बाद CJP (Cockroach Janta Party) के संस्थापक अभिजीत दीपके बुधवार को छत्रपति संभाजीनगर पहुंचे। हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए दीपके ने केंद्र और राज्य सरकारों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि छात्र अपने हक के लिए आवाज उठा रहे हैं, वे कोई आतंकवादी नहीं हैं।
सरकार को उनका उत्पीड़न तुरंत बंद कर देना चाहिए। अभिजीत दीपके ने बताया कि वे लगभग 40 दिनों के लंबे समय के बाद अपने घर वापस लौट रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले इस विरोध प्रदर्शन ने एक राष्ट्रव्यापी रूप ले लिया था, जिसके दबाव में आकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने इस जीत का श्रेय देश के सभी छात्रों के संघर्ष को दिया और खुशी जताई कि आखिरकार वे अपने माता-पिता से मिल सकेंगे।
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आंदोलन खत्म होने के बाद कई राज्यों में पुलिस छात्रों को कर रही गिरफ्तार-दीपके
सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि आंदोलन खत्म होने के बाद भी कई राज्यों में पुलिस छात्रों के घर जाकर उन्हें गिरफ्तार करने की धमकियां दे रही है। उन्होंने 20 जुलाई को 'संसद मार्च' के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग की कड़ी निंदा की और कहा कि सड़कों पर छात्रों का खून बहाना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था।
दीपके ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर सरकार ने छात्रों को डराना-धमकाना बंद नहीं किया, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि देश का युवा धर्मेंद्र प्रधान की तरह पूरी सरकार को भी बदलने की ताकत रखता है।
