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पश्चिम बंगाल की जनता के फैसले का किया जाना चाहिए सम्मान, बीजेपी को नहीं रोक पाएंगी धर्मनिरपेक्ष पार्टियां, बोले ओवैसी

Asduddin Owaisi: ओवैसी ने हैदराबाद में पत्रकारों से कहा, पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा को सत्ता दी है। हमें उस फैसले का सम्मान करना होगा। यह जनता का फैसला है।

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ओवैसी ने कहा, बंगाल में फैसले का सम्मान करना होगा

Photo : PTI

Asduddin Owaisi: एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के मतदाताओं द्वारा भाजपा के पक्ष में दिए गए फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए और तथाकथित "धर्मनिरपेक्ष पार्टियां" भगवा पार्टी के विस्तार को रोक नहीं पाएंगी। विधानसभा चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने पश्चिम बंगाल में एआईएमआईएम के पक्ष में मतदान करने वाले मतदाताओं को धन्यवाद दिया, हालांकि पार्टी के सभी 11 उम्मीदवार हार गए।

हमें फैसले का सम्मान करना होगा, बोले ओवैसी

ओवैसी ने हैदराबाद में पत्रकारों से कहा, पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा को सत्ता दी है। हमें उस फैसले का सम्मान करना होगा। यह जनता का फैसला है। तीसरी बात, मेरा मानना है कि मैं लगातार कहता आ रहा हूं कि ये तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियां भाजपा को रोक नहीं पाएंगी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी , महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) और पूर्व एनसीपी और पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने अतीत में "नरम हिंदुत्व" का खेल खेलने की कोशिश की और मुसलमानों को स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व बनाने का प्रयास करना चाहिए।

बीजेपी ने 206 सीटें जीतकर रचा इतिहास

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सोमवार को 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया और टीएमसी के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज पूर्वी भारत के उस अहम गढ़ में प्रवेश कर लिया, जहां एक दशक से अधिक समय तक वह अपने विस्तार के बावजूद सेंध नहीं लगा पाई थी। यह निर्णायक जीत केवल चुनावी गणित तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने राज्य में ममता बनर्जी के लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व को भी बड़ा झटका दिया है और क्षेत्रीय राजनीतिक परिदृश्य को नया आकार दिया है।

2026 का विधानसभा चुनाव हमेशा याद रखा जाएगा...

प्रधानमंत्री मोदी ने कल की जीत के बाद एक्स पर कहा, "पश्चिम बंगाल में कमल खिला! 2026 का विधानसभा चुनाव हमेशा याद रखा जाएगा। जनता की शक्ति की जीत हुई है और सुशासन की राजनीति की विजय हुई है।" 2014 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में सीमित उपस्थिति से शुरू हुई भाजपा की यात्रा 2019 के लोकसभा चुनाव में तेज उभार और 2021 के विधानसभा चुनाव में कुछ झटकों के बाद अब एक निर्णायक जनादेश में बदल गई है। राष्ट्रीय स्तर पर यह जीत भाजपा की राजनीतिक कथा को और मजबूत करती है और उसके निरंतर विस्तार और मजबूती की धारणा को बल देती है। साथ ही, यह केंद्रीय नेतृत्व और क्षेत्रीय नेताओं की भूमिका को भी सुदृढ़ करती है।

राज्य में भाजपा की जीत उसकी सुनियोजित राजनीतिक रणनीति की पुष्टि भी मानी जा रही है, जो कुछ प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित रही। इनमें सीमा पार से घुसपैठ पर रोक, बांग्लादेश से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के शेष हिस्सों की बाड़बंदी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को मजबूत करना शामिल है, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को तेजी से लागू करने के वादे भी प्रमुख रहे। पार्टी ने चुनिंदा निर्वाचन क्षेत्रों में हिंदू मतदाताओं के समर्थन को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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