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Waqf Bill: भाजपा ने विपक्ष द्वारा दिए गए सभी सुझावों को किया खारिज, जेपीसी रिपोर्ट पर कांग्रेस सांसद ने लगाया गंभीर आरोप

JPC Waqf Bill: सांसद प्रमोद तिवारी ने वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट पर पुनर्विचार करने और इसे रोकने का आह्वान किया। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि उन्होंने विपक्ष द्वारा दिए गए सभी सुझावों को खारिज कर दिया है जो देश के पक्ष में थे।

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वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस सांसद ने भाजपा लगाया गंभीर आरोप

Photo : ANI

JPC Waqf Bill: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने गुरुवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट पर पुनर्विचार करने और इसे रोकने का आह्वान किया। तिवारी ने बताया कि अगर जेपीसी सत्ता पक्ष द्वारा दिए गए सभी सुझावों को स्वीकार कर लेती है तो इसका कोई उद्देश्य नहीं है। उन्होंने विपक्ष द्वारा दिए गए सभी सुझावों को खारिज कर दिया है जो देश के पक्ष में थे। जेपीसी का उद्देश्य क्या था? सत्ता पक्ष द्वारा दिए गए सभी संशोधनों को स्वीकार कर लिया गया। एक तरह से यह जेपीसी नहीं बल्कि एक सरकारी रिपोर्ट बन गई है। इस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। इसे एक और पड़ाव पर ले जाने से पहले इसे रोक दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने गुरुवार को कहा कि पहले से मौजूद वक्फ अधिनियम पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, राजनीति से प्रेरित संशोधन लाने का प्रयास किया जा रहा है। गोगोई ने जोर देकर कहा कि जेपीसी रिपोर्ट में, संसद के कई सदस्यों ने इस विधेयक के कारण हुई संवैधानिक लापरवाही को उजागर करते हुए अपनी असहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एक अधिनियम है जो वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन करता है, और सरकार इस अधिनियम को बेहतर तरीके से कैसे लागू कर सकती है, इस पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय एक राजनीतिक रूप से प्रेरित संशोधन लाने का प्रयास किया गया है।

विधेयक के 14 खंडों में 25 संशोधनों को अपनाया

इससे पहले आज, भाजपा सांसद और वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि जेपीसी छह महीने के राष्ट्रव्यापी विचार-विमर्श के बाद आज संसद में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। आज, जेपीसी संसद में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी । विस्तृत चर्चा और विचार-विमर्श के लिए, छह महीने पहले जेपीसी का गठन किया गया था। पिछले छह महीनों में, हमने पूरे देश का दौरा करने के बाद एक रिपोर्ट तैयार की है। हमने 14 खंडों में 25 संशोधनों को अपनाया है। वक्फ जेपीसी के अध्यक्ष ने कुछ जेपीसी सदस्यों की चिंताओं के बारे में भी बात की, जिन्हें लगा कि उनके विचारों को नहीं सुना गया, उन्होंने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट के परिशिष्ट में असहमति के नोटों को संबंधित हितधारकों के रिकॉर्ड के साथ शामिल किया गया है। जगदंबिका पाल ने कहा कि जेपीसी के कुछ सदस्यों की शिकायत थी कि उनकी बात नहीं सुनी गई। रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने के बाद हमने उनसे असहमति का नोट जमा करने को कहा। हमने असहमति का नोट रिपोर्ट के परिशिष्ट में भी संलग्न किया है। हम आज हितधारकों के रिकॉर्ड भी पेश करेंगे। लोकसभा की कार्यसूची के अनुसार , वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल, भाजपा सांसद संजय जायसवाल के साथ मिलकर आज वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश करेंगे। वे संयुक्त समिति के समक्ष दिए गए साक्ष्यों का रिकॉर्ड भी पटल पर रखेंगे। रिपोर्ट 30 जनवरी, 2025 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपी गई।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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