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17 घंटे की मैराथन बैठक के बाद सुबह 4 बजे स्थगित हुई राज्यसभा, वक्फ बिल पर हुई 11 घंटे तक चर्चा

सदन की कार्यवाही गुरुवार (3 अप्रैल) को सुबह 11 बजे शुरू हुई थी और इस दौरान निर्धारित शून्यकाल और प्रश्नकाल शुरू हुआ। गुरुवार को दोपहर 1 बजे वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर विचार हुआ। इसे शुक्रवार देर रात करीब 2.30 बजे पारित किया गया।

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राज्यसभा की 17 घंटे लंबी बैठक

Photo : PTI

RS Adjourns After Marathon 17-hour Sitting: ऊपरी सदन राज्यसभा में भी वक्फ संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया है। शुक्रवार को 17 घंटे की बैठक के बाद सुबह 4 बजे राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। वक्फ बिल पर कुल 11 घंटे तक चर्चा चली। आज सुबह 11 बजे फिर से कार्यवाही शुरू होगी। कार्यवाही स्थगित करने से पहले, सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि यह एक दुर्लभ अवसर है कि सदन सुबह 4.02 बजे विघटित हो रहा है और उसी दिन सुबह 11 बजे फिर से बैठेगा।

ऊपरी सदन में गुरुवार को पेश होने के बाद 11 घंटे चली चर्चा के बाद शुक्रवार तड़के विधेयक पारित हुआ। इसके पक्ष में 128 और विरोध में 95 मत पड़े। लोकसभा पहले ही इसे मंजूरी दे चुकी थी। इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ अधिनियम में संशोधन के जरिए वक्फ बोर्ड के ढांचे में बदलाव और कानूनी विवादों को कम करना है। विधेयक को पारित करने के लिए राज्यसभा की बैठक शुक्रवार रात 2:30 बजे के बाद तक चली।

3 अप्रैल सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्यवाही

सदन की कार्यवाही गुरुवार (3 अप्रैल) को सुबह 11 बजे शुरू हुई थी और इस दौरान निर्धारित शून्यकाल और प्रश्नकाल शुरू हुआ। गुरुवार को दोपहर 1 बजे वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर विचार हुआ। इसे शुक्रवार देर रात करीब 2.30 बजे पारित किया गया। इसके बाद सदन ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए गए वैधानिक प्रस्ताव को पारित कर दिया।

राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित

राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया है। इस विधेयक के पक्ष में 128 सदस्यों ने वोट डाले, जबकि 95 सांसदों ने इसके विरोध में वोटिंग की। इस विधेयक पर चर्चा के दौरान खूब बहस हुई। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बातें रखी। सत्ता पक्ष ने इस विधेयक के फायदे गिनाए, जबकि विपक्ष ने वक्फ संशोधन विधेयक को संविधान विरोधी बताया। बुधवार को यह विधेयक लोकसभा में पारित हुआ था।

किरेन रिजिजू बोले, धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में विधेयक पेश करते हुए कहा कि इसके जरिए धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का सवाल ही नहीं है। विधेयक पेश होने के बाद चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसके फायदे गिनाए और विपक्ष पर देश के मुसलमानों को गुमराह करने के आरोप लगाए। दूसरी ओर, विपक्ष के नेताओं ने इसे संविधान के खिलाफ बताया।

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में बिल पेश करते हुए कहा, वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन में छोटे-बड़े एक करोड़ सुझाव मिले हैं। संयुक्त संसदीय समिति ने 10 शहरों में जाकर विधेयक को लेकर लोगों की राय जानी और 284 संगठनों से बातचीत की गई। आज की स्थिति में, 8.72 लाख वक्फ संपत्तियां हैं। 2006 में, अगर सच्चर समिति ने 4.9 लाख वक्फ संपत्तियों से 12,000 करोड़ रुपए की कमाई का अनुमान लगाया था, तो आप कल्पना कर सकते हैं कि ये संपत्तियां अब कितनी आय उत्पन्न कर रही होंगी। आज आप मार्केट रेट के हिसाब से अनुमान लगा सकते हैं।'

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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