Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी के समर्थन के बाद मुस्लिम नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई है। जनता दल (यूनाइटेड) के नेता मोहम्मद कासिम अंसारी और जेडीयू अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश सचिव नवाज मलिक ने अपना इस्तीफी दे दिया है। इस बीच वक्फ बिल पर पार्टी के रुख को लेकर पार्टी के एक और नेता, जेडी(यू) अल्पसंख्यक विभाग के महासचिव तबरेज सिद्दीकी अलीग और एम राजू नैयर ने भी शुक्रवार को विरोध में इस्तीफा दे दिया। मोहम्मद कासिम अंसारी ने वक्फ (संशोधन) विधेयक का समर्थन करने के पार्टी के रुख की बृहस्पतिवार को आलोचना की। वही नवाज मलिक ने बिल के समर्थन को गलत बताया है। जद (यू) अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे पत्र में अंसारी ने गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी के रुख ने उन लाखों भारतीय मुसलमानों का भरोसा तोड़ दिया है, जो मानते थे कि जद (यू) धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को कायम रखेगा।
वक्फ विधेयक के समर्थन को लेकर बेहद निराश हुए अंसारी
पत्र में अंसारी ने कहा कि हमारे जैसे लाखों भारतीय मुसलमानों को धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के एक सच्चे ध्वजवाहक के रूप में आप (नीतीश) पर अटूट विश्वास था। हालांकि, अब यह विश्वास टूट गया है। वक्फ संशोधन विधेयक पर जद (यू) द्वारा अपनाए गए रुख से लाखों समर्पित भारतीय मुसलमानों और कार्यकर्ताओं को गहरा सदमा लगा है। उन्होंने कहा कि हम ललन सिंह द्वारा लोकसभा में दिए गए भाषण और इस विधेयक के समर्थन को लेकर बेहद निराश हैं।
इस बीच, जब अंसारी के बारे में पूछा गया तो जद (यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने दावा किया कि कोई भी उन्हें नहीं जानता। प्रसाद ने कहा कि वह (अंसारी) कौन हैं? वह कभी भी पार्टी में कोई महत्वपूर्ण पदाधिकारी या प्रमुख व्यक्ति नहीं रहे। मैं उन्हें जानता भी नहीं हूं। उन्होंने पार्टी में कभी कोई पद नहीं संभाला, यहां तक कि जिला स्तर पर भी नहीं। बिहार के मुख्यमंत्री कुमार के एक प्रमुख सहयोगी ने कहा कि संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक के लिए पार्टी के समर्थन को लेकर जद (यू) के भीतर कोई भ्रम नहीं है। वरिष्ठ मंत्री एवं वरिष्ठ जद (यू) नेता विजय कुमार चौधरी ने यह टिप्पणी तब की जब उनसे राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावई जैसे नेताओं द्वारा इस मुद्दे पर पार्टी के रुख से सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त किए जाने के बारे में पूछा गया। चौधरी ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर पार्टी के भीतर कोई भ्रम नहीं है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी के सभी नेता विधेयक के समर्थन में हैं।
