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सीएम नीतीश कुमार की बढ़ी मुश्किलें, वक्फ बिल के समर्थन से नाराज 4 बड़े नेताओं ने पार्टी से दिया इस्तीफा

Waqf Amendment Bill: JDU के नेता मोहम्मद कासिम अंसारी ने वक्फ (संशोधन) विधेयक का समर्थन करने के पार्टी के रुख की बृहस्पतिवार को आलोचना की। उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा भी दे दिया। इस बीच जेडीयू अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश सचिव नवाज मलिक जेडीयू अल्पसंख्यक विभाग के महासचिव तबरेज सिद्दीकी अलीग और एम राजू नैयर ने भी अपना इस्तीफा दे दिया है।

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JDU के मुस्लिम नेताओं ने वक्फ विधेयक पर पार्टी के रुख को लेकर दिया इस्तीफा

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी के समर्थन के बाद मुस्लिम नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई है। जनता दल (यूनाइटेड) के नेता मोहम्मद कासिम अंसारी और जेडीयू अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश सचिव नवाज मलिक ने अपना इस्तीफी दे दिया है। इस बीच वक्फ बिल पर पार्टी के रुख को लेकर पार्टी के एक और नेता, जेडी(यू) अल्पसंख्यक विभाग के महासचिव तबरेज सिद्दीकी अलीग और एम राजू नैयर ने भी शुक्रवार को विरोध में इस्तीफा दे दिया। मोहम्मद कासिम अंसारी ने वक्फ (संशोधन) विधेयक का समर्थन करने के पार्टी के रुख की बृहस्पतिवार को आलोचना की। वही नवाज मलिक ने बिल के समर्थन को गलत बताया है। जद (यू) अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे पत्र में अंसारी ने गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी के रुख ने उन लाखों भारतीय मुसलमानों का भरोसा तोड़ दिया है, जो मानते थे कि जद (यू) धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को कायम रखेगा।

वक्फ विधेयक के समर्थन को लेकर बेहद निराश हुए अंसारी

पत्र में अंसारी ने कहा कि हमारे जैसे लाखों भारतीय मुसलमानों को धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के एक सच्चे ध्वजवाहक के रूप में आप (नीतीश) पर अटूट विश्वास था। हालांकि, अब यह विश्वास टूट गया है। वक्फ संशोधन विधेयक पर जद (यू) द्वारा अपनाए गए रुख से लाखों समर्पित भारतीय मुसलमानों और कार्यकर्ताओं को गहरा सदमा लगा है। उन्होंने कहा कि हम ललन सिंह द्वारा लोकसभा में दिए गए भाषण और इस विधेयक के समर्थन को लेकर बेहद निराश हैं।

इस बीच, जब अंसारी के बारे में पूछा गया तो जद (यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने दावा किया कि कोई भी उन्हें नहीं जानता। प्रसाद ने कहा कि वह (अंसारी) कौन हैं? वह कभी भी पार्टी में कोई महत्वपूर्ण पदाधिकारी या प्रमुख व्यक्ति नहीं रहे। मैं उन्हें जानता भी नहीं हूं। उन्होंने पार्टी में कभी कोई पद नहीं संभाला, यहां तक कि जिला स्तर पर भी नहीं। बिहार के मुख्यमंत्री कुमार के एक प्रमुख सहयोगी ने कहा कि संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक के लिए पार्टी के समर्थन को लेकर जद (यू) के भीतर कोई भ्रम नहीं है। वरिष्ठ मंत्री एवं वरिष्ठ जद (यू) नेता विजय कुमार चौधरी ने यह टिप्पणी तब की जब उनसे राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावई जैसे नेताओं द्वारा इस मुद्दे पर पार्टी के रुख से सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त किए जाने के बारे में पूछा गया। चौधरी ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर पार्टी के भीतर कोई भ्रम नहीं है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी के सभी नेता विधेयक के समर्थन में हैं।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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