'अगली बार कुंभ पर डबल पैसा खर्च करेंगे', उदितराज को CM योगी के मंत्री का जवाब

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 15, 2020, 03:47 PM IST

Kumbh Mela: कांग्रेस नेता उदित राज ने कुंभ मेले पर खर्च को लेकर सवाल उठाए तो बीजेपी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अगले कुंभ मेले पर दोगुनी राशि खर्च की जाएगी।

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता उदित राज ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कुंभ मेले पर किए गए खर्च पर सवाल उठाया तो इसके जवाब में यूपी सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि अगला कुंभ और भी बड़ा होगा और सरकार पिछले कुंभ मेले में खर्च की गई राशि से दोगुना खर्च करेगी। न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए सिंह ने कहा कि इसका जवाब बीजेपी को नहीं बल्कि प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस पार्टी को देना है कि सरकार को कुंभ में खर्च करना चाहिए या नहीं।

उन्होंने कहा, 'जहां तक बीजेपी का सवाल है, हमें गर्व है कि हमने कुंभ 2019 पर खर्च किया। यह दुनिया भर में जाना जाता है। अगले कुंभ का आयोजन और बड़ा किया जाएगा और हम दोगुनी राशि खर्च करेंगे। यह कुंभ में शामिल होने की इच्छा रखने वालों के लिए वादा है।'

राज्य मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि कुंभ वैश्विक आयोजन है, यह सिर्फ उत्तर प्रदेश सरकार तक सीमित नहीं है। इस तरह के आयोजन पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, जिसमें दुनिया भर के लाखों लोग शामिल हों।

दरअसल, असम की बीजेपी सरकार ने फैसला लिया है कि राज्य में सभी सरकारी मदरसों को बंद कर दिया जाएगा। सरकार का तर्क है कि पब्लिक के पैसे का इस्तेमाल धार्मिक शिक्षा देने की अनुमति नहीं देता है। मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि अगले महीने इस संबंध में एक अधिकसूचना जारी की जाएगी जिसमें विस्तार से जानकारी दी जाएगी।  

इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए उदित राज ने कहा, 'किसी भी धार्मिक शिक्षा और अनुष्ठान में सरकार द्वारा पैसा नहीं लगाया जाना चाहिए। राज्य का अपना कोई धर्म नहीं होता है। यूपी सरकार ने इलाहाबाद में कुंभ मेले के आयोजन में 4200 करोड़ खर्च किए और वह भी गलत था?' 

हालांकि, उदित राज ने ट्वीट को डिलीट कर दिया लेकिन बाद में इसे बहाल कर दिया और कहा, 'मै ट्वीट को बहाल कर रहा हूं और संवाद के लिए तैयार हूं। जब भी राजनैतिक मामला होता है तो कांग्रेस को टैग करता हूं, इसमें नहीं किया था क्योंकि व्यक्तिगत विचार हैं। बिना वजह पार्टी को घसीटा जा रहा है। डॉ. अम्बेडकर मानते थे कि राजनीति और धर्म का मिश्रण नही होना चाहिए।'

End of Article