नई दिल्ली। बिहार में चुनावी रैली में पीएम नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 के हटाए जाने का जिक्र किया तो पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की तरफ से बयान भी आया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हालात यह है कि बीजेपी के नेताओं के पास मुद्दों का अभाव है, उनके पास कामयाबी गिनाने जैसा काम नहीं हैं तो हताशा में अनुच्छेद 370 हटाने की राग को अलापते हैं। इसके साथ ही तिरंगे का अपमान किया। उन्होंने कहा कि वो तिरंगे को तब तक नहीं फहराएंगी जब तक 370 वापस नहीं किया जाता है। बीजेपी ने कहा कि राष्ट्रविरोधी हरकत को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
महबूबा ने तिरंगे का किया अपमान
नजरबंदी से बाहर आने के बाद महबूबा मुफ्ती प्रेंस कांफ्रेंस कर रही थीं। उनके प्रेस कांफ्रेस में तमाम सारे चैनल्स की माइक आईडी थी। उनके मेज पर एक झंडा जम्मू-कश्मीर का था और दूसरा झंडा उनकी पार्टी का था। जब उनसे पूछा गया कि आप ने तिरंगा क्यों नहीं लगाया तो उनका जवाब था कि डाकुओं ने उनके झंडे को छीन लिया है।वो तिरंगे को तभी फहराएंगी जब अनुच्छेद 370 को वापस कर दिया जाएगा।
महबूबा ने पीएम मोदी को घेरा
उन्होंने कहा कि एक तरफ पीएम मोदी चीन से दो दा हाथ करने की बात करते हैं तो तथ्य है कि चीन ने हमारी जमीन के 1000 वर्ग किमी हिस्से पर कब्जा कर लिया है। मुझे लगता है कि हम किसी तरह लगभग 40 किमी वापस जाने में कामयाब रहे। चीन धारा 370 की भी बात करता है। वे कहते हैं कि यह विवादित है और पूछना है कि जम्मू-कश्मीर को क्यों बनाया गया? J & K अब्रोगेटियो के बाद पहले की तरह अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण में नहीं आया।
एनडीए के पास दिखाने के लिए कुछ नहीं, लिहाजा 370 का राग
वोट मांगने के लिए उनके पास दिखाने के लिए कुछ नहीं है। वे कहते हैं कि आप जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीद सकते हैं, हमने धारा 370 को रद्द कर दिया है। तब उन्होंने कहा कि वे मुफ्त में टीके देंगे। आज पीएम मोदी को वोट के लिए धारा 370 की बात करनी थी। यह सरकार इस राष्ट्र के मुद्दों को हल करने में विफल रही है।
अर्थव्यवस्था में बांग्लादेश से पीेछे
अर्थव्यवस्था की बात करें तो हम बांग्लादेश से भी पीछे हैं। बेरोजगारी हो या कोई अन्य मुद्दा, वे सभी मोर्चों पर विफल रहे हैं। जब वे सभी मोर्चों पर विफल होते हैं, तो उन्हें कश्मीर और अनुच्छेद 370 की याद दिलाई जाती है।एनडीए सरकार ने धारा 370 को निरस्त कर दिया। इन लोगों का कहना है कि सत्ता में आने पर वे इसे वापस लाएंगे। यह कहने के बाद उन्होंने बिहार से वोट मांगने की हिम्मत की। क्या यह बिहार का अपमान नहीं है? वह राज्य जो अपने बेटों और बेटियों को देश की रक्षा के लिए सीमाओं पर भेजता है।
