Rajasthan Karauli News: हिंदू नव वर्ष का जश्न मनाने के लिए एक धार्मिक जुलूस में पथराव के बाद शनिवार शाम भड़की सांप्रदायिक झड़पों के मद्देनजर राजस्थान के करौली में कर्फ्यू लगा दिया गया और इंटरनेट निलंबित कर दिया गया। नव संवत्सर को चिह्नित करने के लिए मुस्लिम बहुल इलाके से गुजरने वाली एक मोटरसाइकिल रैली में पथराव में लगभग 42 लोग घायल हो गए, जिससे हिंसा हुई जिसमें दुकानों और वाहनों को आग लगा दी गई। अब करौली में हुई हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
PFI की चिट्ठी से उठे सवाल
हिंसा से पहले PFI ने राजस्थान के मुख्यमंत्री और DGP को चिट्ठी लिख कर हिंसा की आशंका जताई गई थी। ये दावा खुद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने बयान जारी कर किया है। इस चिट्ठी में हिंसा की आशंका जताई गई थी। चिट्ठी में कहा गया कि था 2 से 4 अप्रैल तक प्रदेश के अलग अलग जिलों, तहसीलों और कस्बों में आरएसएस और उसके संगठनों के जरिए हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष में भगवा रैली आयोजित की जा रही है। रैलियों मे धार्मिक उन्माद फैलाने और कानून व्यवस्था बिगड़ने की भी बात कही थी।
ऐसे में बड़ा सवाल ये है.. की पीएफआई को पहले से कैसे पता था कि रैली के दौरान हंगामा हो सकता है और अगर उसने ये चिट्ठी मुख्यमंत्री और डीजीपी को लिखी थी तो सरकार ने इसपर समय रहते एक्शन क्यों नहीं लिया।
