सियासी पारा चढ़ाने वाले हरीश रावत ने अपनी ट्वीट पर दी सफाई, बताया कौन है 'मगरमच्छ' 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 22, 2021, 06:59 PM IST

Times Now Navbharat Navnirman Manch Uttarakhand Conclave: कांग्रेस छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने वाले नेताओं के सवाल पर रावत ने कहा कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है जिसके बॉय-प्रोडक्ट को भी लोग अपना लेते हैं।

Times Now Navbharat Navnirman Manch Uttarakhand: बुधवार सुबह अपने ट्वीट से उत्तराखंड का सियासी पारा चढ़ा देने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत टाइम्स नाउ नवभारत के 'नवभारत नवनिर्माण मंच' पर सफाई देते नजर आए। उन्होंने कहा कि सीबीआई, ईडी ये 'मगरमच्छ' हैं। जिन्हें सत्ता ने विरोधियों को निगलने के लिए छोड़ा है। हालांकि 'मुंह फेर कर' कौन खड़ा है, रावत ने इस चीज को स्पष्ट नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह बाद में इस बारे में अपनी राय जाहिर करेंगे। इसके पहले आज सुबह रावत ने ट्वीट किया, 'चुनाव रूपी समुद्र है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है।' कॉन्क्लेव में टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ एवं टाइम्स नेटवर्क की ग्रुप एडिटर नाविका कुमार के साथ बातचीत में हरीश रावत ने कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। 

उत्तराखंड में लोग पार्टी के साथ व्यक्ति को भी देखते हैं-रावत
उत्तराखंड में सीएम पद का चेहरा कौन होगा, इस सवाल के जवाब में रावत ने कहा कि हम एक बात जानते हैं कि उत्तराखंड के लोग जिनके साथ खड़े होंगे वही चेहरा बनेगा। यहां लोग पार्टी के साथ-साथ व्यक्ति को भी देखना चाहते हैं। उत्तराखंड आंदोलन से बना हुआ राज्य है। इस राज्य की अपेक्षाएं बहुत है। यहां के लोग पार्टी को भी देखते हैं। वे यह भी देखते हैं कि कौन व्यक्ति उनका पांच साल तक साथ दे सकता है। रावत ने कहा कि उनकी एक सोच है। भाजपा अपने क्षेत्रीय नेताओं को मजबूत करती है। हम उत्तराखंड में भाजपा को यदि परास्त करते हैं तो अन्य राज्यों गुजरात, राजस्थान में भी उन्हें हरा देंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि वह चेतावनी नहीं दे रहे हैं। पार्टी जो फैसला करेगी वह उसे मानेंगे।

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'पंजाब में हमने सही निर्णय लिया'
पंजाब में पार्टी की टूट पर रावत ने कहा कि राज्य का प्रभारी रहते हुए हमने सही निर्णय लिया। पंजाब में एक व्यक्ति भाजपा से लड़ नहीं पा रहा था। राज्य में पार्टी के लिए समस्या खड़ी हो रही थीं। हमने निर्णय लिया। व्यक्ति कितना भी बड़ा हो लेकिन वह पार्टी से बड़ा नहीं हो सकता। किसी अदृश्य ताकत ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को बांध रखा था। वह निर्णय नहीं ले पा रहे थे। हमने पंजाब में नैरेटिव बदल दिया। अकाली दल जो एक समय खत्म सा हो गया था, वह फिर से उभरने लगा था। 

बाजवा के गले लगने में कोई दिक्कत नहीं-हरीश रावत
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के सिद्धू के गले लगने पर हरीश रावत ने कहा कि गले लगाना अपराध नहीं है। बाजवा ने करतारपुर कॉरिडोर खोलने की उन्हें खबर दी थी। उस समय इससे बड़ी खबर क्या हो सकती थी। पीएम मोदी भी पाकिस्तान के पीएम से गले मिले थे। जब पीएम गले लग सकते हैं तो सिद्धू के गले लगने में क्या परेशानी है। वह दोहरा रवैया नहीं रखना चाहिए।  

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'मुझे कोई राष्ट्रवाद न सिखाए'
कांग्रेस के नेताओं पर कई मौकों पर दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत की आलोचना की थी। लेकिन राहुल गांधी की उत्तराखंड की रैली में जनरल रावत का कटआउट लगाया गया। इस सवाल पर कि क्या चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने ऐसा किया। इस सवाल पर रावत ने कहा कि राहुल गांधी ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की तारीफ की। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस सरकार के साथ है। संदीप दीक्षित को अपने बयान के लिए माफी मांगनी पड़ी। कांग्रेस ने राफेल के लिए बड़ा सौदा किया था। मौजूदा सरकार ज्यादा कीमत देकर राफेल ला रही है। बोफोर्स की तोप से आज चीन भी डर रहा है। कांग्रेस राष्ट्रवादी पार्टी है। हमें कोई राष्ट्रवाद नहीं बताए। 

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कांग्रेस के बॉय-प्रोडक्ट को भी लोग अपना लेते हैं-रावत
कांग्रेस छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने वाले नेताओं के सवाल पर रावत ने कहा कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है जिसके बॉय-प्रोडक्ट को भी लोग अपना लेते हैं। उत्तराखंड में क्या कांग्रेस नए एवं युवा सीएम चेहरे को आगे करेगी, इस पर रावत ने कहा कि रणनीति के लिहाज से जो जरूरी होगा, पार्टी इस बारे में फैसला करेगी। राज्य में नया नेतृत्व विकसित करना भी जरूरी होता है।  
 

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