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Times Now Amazing Indians Awards 2026: 'समाज की भलाई के लिए खुद को समर्पित करने की क्षमता ही इंसान को बनाती है असाधारण', बोले पूर्व CJI चंद्रचूड़

कार्यक्रम के दौरान जब पूर्व CJI से पूछा गया कि किसी व्यक्ति को असाधारण क्या बनाता है—क्या परिस्थितियां उनसे उनका सर्वश्रेष्ठ बाहर लाती हैं या वे कुछ असाधारण करने के लिए ही पैदा होते हैं? इस पर उन्होंने कहा, लोगों में सबसे अलग दिखने वाली विशेषता दूसरों के लिए खुद को समर्पित करने की क्षमता है।

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पूर्व (CJI) डीवाई चंद्रचूड़

Times Now Amazing Indians Awards 2026- भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा है कि आम लोगों में जो एक खास बात उन्हें सबसे अलग और असाधारण बनाती है, वह है दूसरों के कल्याण के लिए खुद को समर्पित कर देना और सामाजिक हित को सर्वोपरि रखना। पूर्व CJI चंद्रचूड़ 'टाइम्स नाउ अमेजिंग इंडियंस अवॉर्ड्स 2026' (Times Now Amazing Indians Awards 2026) समारोह में बोल रहे थे।

असाधारण व्यक्तित्व की पहचान क्या है?

कार्यक्रम के दौरान जब पूर्व CJI से पूछा गया कि किसी व्यक्ति को असाधारण क्या बनाता है—क्या परिस्थितियां उनसे उनका सर्वश्रेष्ठ बाहर लाती हैं या वे कुछ असाधारण करने के लिए ही पैदा होते हैं? इस पर उन्होंने कहा, लोगों में सबसे अलग दिखने वाली विशेषता दूसरों के लिए खुद को समर्पित करने की क्षमता है। अपने जीवन का उपयोग दूसरों की भलाई के लिए करना एक सतत प्रक्रिया है, और यह तब शुरू होती है जब आप अपने बारे में सोचना बंद करके दूसरों के हित के बारे में सोचने लगते हैं।"

जूरी के अनुभव को साझा किया

जूरी (निर्णायक मंडल) के अनुभव को साझा करते हुए पूर्व CJI ने कहा कि हर कोई अपने जीवन में संघर्षों से गुजरता है और यह प्रेरणा का ही परिणाम है। उन्होंने इस वर्ष के विजेताओं और नामांकनों को 'प्रतिभा की असेंबली लाइन' करार देते हुए कहा कि इससे भावी पीढ़ी और देश के भविष्य को लेकर एक बड़ी उम्मीद जगती है। हर श्रेणी में किसी एक 'अमेजिंग इंडियन' को चुनना कितना कठिन था, इस सवाल पर पूर्व न्यायाधीश ने आज के दौर की संवाद शैली पर गहरी बात कही। उन्होंने कहा कि जूरी के बीच चर्चा ने उस बात को दर्शाया जिसकी आज बेहद कमी है—तर्कपूर्ण संवाद की ताकत।

उन्होंने कहा आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां जो सुनते हैं या देखते हैं, उसी को अंतिम सच मान लेते हैं। जबकि हर व्यक्ति की अपनी अलग सोच और दृष्टिकोण होता है। जूरी के सदस्यों के बीच अलग-अलग दृष्टिकोण थे, लेकिन कोई मतभेद नहीं था। सभी ने तर्क दिए, आपस में बातें कीं, अपनी जीवन गाथाएं साझा कीं और प्रत्येक उम्मीदवार के संघर्ष को समझा। पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने खुलासा किया कि जूरी को कई बार ऐसा लगा कि किसी एक क्षेत्र में केवल एक अवॉर्ड देना न्यायसंगत नहीं होगा, क्योंकि समाज सेवा का वह दायरा बहुत समृद्ध और विविधता से भरा हुआ था।

उन्होंने बताया, टाइम्स नाउ ने हमारी बात का सम्मान किया और कहा कि अगर आपको लगता है कि एक से ज्यादा पुरस्कार दिए जाने चाहिए, तो हम उसके लिए तैयार हैं। इसलिए जब किसी श्रेणी में एक से अधिक अवॉर्ड दिए गए, तो ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि यह तय कर पाना असंभव था कि कौन पहला है और कौन दूसरा।

देश के लिए बड़ा संदेश

निर्णायक मंडल के इस अनुभव को देश के व्यापक संदर्भ से जोड़ते हुए पूर्व CJI ने कहा, जब अलग-अलग विचार रखने वाले दिमाग एक साथ आते हैं, आपस में संवाद करते हैं और तर्क के साथ बात रखते हैं, तो उसका नतीजा हमेशा बेहतर निकलता है। आज पूरे देश को यह समझने की जरूरत है कि आपसी चर्चा, एक-दूसरे को सुनना और दूसरों के विचारों के प्रति धैर्य रखना कितना महत्वपूर्ण है।

क्या है 'टाइम्स नाउ अमेजिंग इंडियंस अवॉर्ड्स'?

अमेजिंग इंडियंस अवॉर्ड्स' भारत के उन गुमनाम नायकों के जज्बे और योगदान का जश्न मनाने की एक पहल है, जिन्होंने तमाम कठिनाइयों और चुनौतियों के बावजूद समाज और देश के भविष्य में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए असाधारण कार्य किया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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