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‘मुश्किल हालात में सही निर्णय लेना ही साहस’, Times Now Amazing Indian Awards कार्यक्रम में बोले पूर्व सेना प्रमुख

Times Now Amazing Indians Awards 2026 : पूर्व सेना प्रमुख से जब पूछा गया कि साहस क्या है, तो उन्होंने यह जवाब दिया। पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने Amazing Indians Awards में जिस तरह का साहस देखा, वह निरंतर बना रहने वाला साहस है।

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टाइम्स नाउ अमेजिंग इंडियन 2026 कार्यक्रम में पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी।

Times Now Amazing Indian Awards 2026: पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सैन्य साहस पर बात करते हुए बुधवार को कहा कि हिम्मत का मतलब संकट एवं चुनौतीपूर्ण हालात में तर्कसंगत फैसले करना है। जब परिस्थितियां अनिश्चित हों और दांव बहुत बड़ा हो, यहां तक कि अपनी जान का जोखिम हो, तब भी सही निर्णय लेना ही असली साहस है। Times Now Amazing Indians Awards 2026 को संबोधित करते हुए पूर्व सेना प्रमुख ने यह बात कही। पूर्व सेना प्रमुख से जब पूछा गया कि साहस क्या है, तो उन्होंने यह जवाब दिया। पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने Amazing Indians Awards में जिस तरह का साहस देखा, वह निरंतर बना रहने वाला साहस है।

पूर्व सेना प्रमुख ने समाज सेवा का जिक्र किया

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, 'कोई 40 वर्षों से वन्यजीवों का इलाज कर रहा है, कोई रेत खनन करने वालों के पास जाकर उन्हें पक्षियों की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। जिन लोगों के कारण पर्यावरण को नुकसान हो रहा था, उन्होंने अब अपना रुख बदल लिया है। किसी ने स्कूल बनाने के लिए अपनी जमीन तक बेच दी। मेरा मानना है कि यह उस तरह का निरंतर साहस है, जो बिल्कुल अलग है।'

'मुश्किल काम था 'अमेजिंग इंडियंस' का चयन'

जब उनसे पूछा गया कि Amazing Indians का चयन करना कितना मुश्किल था, तो जनरल द्विवेदी ने कहा कि यह एक सामूहिक और समावेशी निर्णय था। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के अपने पूर्वाग्रह और अनुभव होते हैं, जो अलग-अलग तरह के विचार और फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनके लिए चार प्रमुख कसौटियां थीं:

  • स्वयं से पहले सेवा
  • त्याग
  • निस्वार्थता
  • स्थायित्व

उन्होंने कहा, 'इन चार कारकों के आधार पर मैंने इन नामों का प्रस्ताव रखा और चर्चा के बाद हम एक निष्कर्ष पर पहुंचे।' पूर्व सेना प्रमुख ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, 'जब भी हमारे सामने कोई मुद्दा आता था, पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ अंतिम फैसला सुनाने के लिए मौजूद रहते थे।'

कार्यक्रम में पूर्व CJI भी शरीक हुए

इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कार्यक्रम में भारत की विकास यात्रा, आर्थिक प्रगति, लोकतंत्र, जन-संवाद और तकनीक के बदलते प्रभाव पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कार्यक्रम में सम्मानित किए गए लोगों को समाज के 'हिडेन जेम' (Hidden Gem) बताते हुए कहा कि देश के विकास में ऐसे लोगों का योगदान महत्वपूर्ण है, जो बिना किसी पुरस्कार या पहचान की अपेक्षा के काम करते हैं। इस कार्यक्रम में पूर्व प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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