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'ये तो अभी ट्रेलर है...', महाराष्ट्र MLC चुनाव में जीत पर क्या बोले CM शिंदे, देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार

Maharashtra Politics: इस साल होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव (MLC Election) को सेमीफाइनल की तरह देखा जा रहा था। जिसमें एनडीए की जीत के बाद सीएम एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने प्रतिक्रिया दी है। आपको बताते हैं, किसने क्या कहा।

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देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार।

Photo : Times Now Digital

Eknath Shinde Reaction on Maharashtra MLC Election Result: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि विधान परिषद चुनाव में महायुति (राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन) के सभी नौ उम्मीदवारों की जीत इस साल के अंत में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव से पहले एक ‘ट्रेलर’ है। सीएम शिंदे के अलावा सूबे के दोनों डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने भी चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया दी है। आपको बताते हैं कि किसने क्या कहा?

MLC चुनाव में जीत पर क्या बोले सीएम शिंदे?

एकनाथ शिंदे ने पत्रकारों से कहा कि लोकसभा चुनाव में विपक्ष द्वारा झूठा विमर्श गढ़ा गया और लोगों को गुमराह किया गया। उन्होंने कहा, 'महायुति ने एक बड़ी जीत दर्ज की है। यह एक अच्छी शुरुआत है। एक झूठा विमर्श (कि भाजपा द्वारा संविधान बदल दिया जाएगा) गढ़ा गया था। लोगों को गुमराह किया गया। महायुति की जीत (विधान परिषद चुनाव में) एक ‘ट्रेलर’ है।'

डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने किया ये बड़ा दावा

इस बीच, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विपक्ष दावा कर रहा था कि सत्तारूढ़ गठबंधन का एक उम्मीदवार हार जाएगा, लेकिन नतीजों से पता चला कि महायुति को न केवल अपने घटकों, बल्कि महा विकास आघाडी के विधायकों के भी वोट मिले। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पांच सीट जीतीं, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को दो-दो सीट मिलीं। इस तरह सत्तारूढ़ गठबंधन को 11 सीट पर हुए चुनाव में नौ पर जीत मिली।

अजित पवार ने किसे दिया जीत का क्रेडिट?

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि उन्होंने, फडणवीस और शिंदे ने बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने तथा जिम्मेदारियां साझा करने के लिए कई बैठकें कीं जिससे महायुति उम्मीदवारों की जीत हुई। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में गठबंधन की जीत सुनिश्चित करने के लिए महायुति एकजुट होकर काम करेगी। चुनाव इसलिए हुआ क्योंकि विधान परिषद के 11 सदस्यों का छह साल का कार्यकाल 27 जुलाई को पूरा हो रहा है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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