देश

Dharali Rescue: पांचवें दिन भी धराली में रेस्क्यू जारी, अबतक 1000 से ज्यादा लोगों को निकाला गया, लापता लोगों की तलाश जारी

धराली में एसडीआरएफ श्वान दस्ते और पीड़ितों का पता लगाने वाले ‘थर्मल इमेजिंग’ कैमरों जैसे अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से क्षतिग्रस्त इमारतों में गहन खोज करके धराली में मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहा है।

Image

धराली में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी (फोटो- PTI)

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित धराली और आसपास के क्षेत्रों में भारी भूस्खलन और बाढ़ के कारण आई भीषण आपदा के बाद पांचवें दिन भी राहत और बचाव अभियान पूरे जोर-शोर से जारी है। भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से लेकर एसडीआरएफ के खोजी कुत्तों और अत्याधुनिक उपकरणों तक, राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त कोशिशों से अब तक 1,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

हेलीकॉप्टरों से हो रही निकासी

शनिवार को भारतीय वायुसेना के चिनूक और एआई-17 हेलीकॉप्टरों के साथ उत्तराखंड नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के हेलीकॉप्टर भी प्रभावित क्षेत्रों में दिनभर उड़ान भरते रहे। धराली, हर्षिल और अन्य दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकाला गया, जिनमें स्थानीय निवासी के साथ-साथ अन्य राज्यों से आए श्रद्धालु भी शामिल हैं।

लापता लोगों की तलाश में जुटी टीमें

एसडीआरएफ की टीमें मलबे में दबे लोगों की तलाश में लगातार लगी हुई हैं। खीरगंगा में हुए भूस्खलन के बाद से 49 लोग लापता हैं, जबकि अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और दो शव बरामद हुए हैं। श्वान दस्ते और थर्मल इमेजिंग कैमरों की मदद से जर्जर हो चुकी इमारतों में गहन खोजबीन की जा रही है।

धराली में तबाही का मंजर

धराली बाजार पूरी तरह तबाह हो चुका है। कई होटल और होमस्टे बाढ़ में बह गए हैं। हर्षिल स्थित सेना का एक आधार शिविर भी क्षतिग्रस्त हुआ, जिससे नौ जवान लापता हो गए हैं। स्थानीय निवासी गोविंद राम भंडारी के अनुसार, मंदाकिनी घाट पर जमा हुए मलबे के कारण नदी का प्रवाह रुक गया था, जिससे पानी का स्तर अचानक बढ़ा और तबाही मच गई।

नेटवर्क, बिजली और पानी की समस्या

प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क, बिजली और साफ पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हालांकि प्रशासन ने दावा किया है कि धीरे-धीरे नेटवर्क और बिजली बहाल की जा रही है, जबकि पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है।

युद्धस्तर पर बहाल किया जा रहा है सड़क संपर्क

गंगनानी के पास लिंचीगाड में बेली सेतु का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जो रविवार शाम तक पूरा हो सकता है। यह सेतु प्रभावित इलाकों को सड़क मार्ग से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। गंगोत्री राजमार्ग अभी भी कई स्थानों पर अवरुद्ध है, जिससे राहत सामग्री और उन्नत उपकरणों की आपूर्ति में बाधा आ रही है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article