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Uttarakhand Tunnel Rescue: बस 10 मीटर और फिर बाहर आने लगेंगे मजदूर, ड्रिलिंग में बाधा ने रेस्क्यू में किया देरी

  • Edited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 24, 2023, 10:28 PM IST

Uttarakhand Tunnel Rescue: उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल हादसे के 13वें दिन शुक्रवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। टनल के बाहर तमाम विशेषज्ञ और रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी एजेंसी और टीम सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने में जुटी हैं।

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उत्तराखंड टनल में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए ऑपरेशन है जारी

Photo : ANI

Uttarakhand Tunnel Rescue: उत्तराखंड के उत्तरकाशी की सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए लगातार ऑपरेशन जारी है। ड्रिलिंग का कार्य लगभग खत्म होने को है। अब बस 10 मीटर की दूरी बची है। हालांकि इसमें काफी बाधा आ रही है, एक बार फिर से ड्रिलिंग का कार्य रूक गया है। मलबे में मौजूद सरिया, ड्रिलिंग करने में मशीन को परेशानी खड़ी कर रहा है।

रेस्क्यू का 13वां दिन

उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल हादसे के 13वें दिन शुक्रवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। टनल के बाहर तमाम विशेषज्ञ और रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी एजेंसी और टीम सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने में जुटी हैं। लेकिन, एक बार फिर 47 मीटर पर ड्रिलिंग रूक गई है।

10 मीटर की ड्रिलिंग शेष

दरअसल, टनल में नौवां पाइप ड्रिल किया जा रहा है। लेकिन, कुछ परेशानियों के कारण ड्रिलिंग रोक दिया गया है। एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल ने बताया कि मशीन के आगे बार-बार लोहे की चीजें आने से कार्य प्रभावित हो रहा है। अभी 47 मीटर तक ड्रिलिंग हुई है। करीब दस मीटर तक और ड्रिलिंग शेष है।

गुरुवार से हो रही परेशानी

गुरुवार देर रात सुरंग के मलबे के बीच से पाइप डालने के काम को रोकना पड़ा था, क्योंकि जिस प्लेटफॉर्म पर ड्रिलिंग मशीन टिकी हुई है, उसमें दरारें दिखाई दीं। इसके बाद ड्रिलिंग रोक दी गई थी। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था, जिससे उसमें काम कर रहे 41 श्रमिक फंस गए थे।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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